Advertisment
दिल्ली

करोड़पति केजरीवाल: चुनावी हलफनामे में संपत्ति का हुआ खुलासा, अरविंद से अधिक अमीर पत्नी सुनीता

S-G-Travels
WhatsApp-Image-2026-06-17-at-4.28.41-PM-300x200
WhatsApp Image 2026-07-05 at 5.05.16 PM

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए नामांकन की प्रक्रिया जारी है। पूर्व सीएम व आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल  ने नई दिल्ली से अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। नामांकन पत्र के हलफनामे में उनकी करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ है। हलफनामे के मुताबिक, केजरीवाल करोड़पति हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री से ज्यादा संपत्ति उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल के नाम है। अरविंद पर करोड़ों के भ्रष्टाचार के आरोप भी लग चुके हैं। आइए जानते है AAP सुप्रीमो के पास चल-अचल से लेकर बैंक बैलेंस तक कितनी संपत्ति है।

दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में उनकी संपत्ति का खुलासा हुआ है। केजरीवाल ने इलेक्शन कमीशन को दिए हलफनामे में बताया कि उनके पास कुल 1.73 करोड़ की संपत्ति है। 50 हजार रुपए कैश और 2.96 लाख रुपए सेविंग अकाउंट में हैं। उन्होंने अपनी अचल संपत्ति 1.7 करोड़ रुपए बताई है। वहीं AAP अध्यक्ष ने बताया कि उनके नाम कोई घर या कार नहीं है। 2023-24 में उनकी कुल आमदनी 7.21 लाख थी।

इसे भी पढ़ें:  मल्लिकार्जुन खड़गे का बड़ा बयान, बोले-सही समय पर सही कदम उठाएंगे; स्टालिन और चंद्रबाबू नायडू की हुई मुलाकात

अरविंद से ज्यादा सुनीता के पास संपत्ति

अरविंद केजरीवाल से ज्यादा उनकी पत्नी सुनीता के पास संपत्ति है। जो आईआरएस अधिकारी रह चुकी हैं। सुनीता के पास कुल 2.5 करोड़ की संपत्ति है। इसमें 1 करोड़ से ज्यादा अचल संपत्ति है, जिसमें 25 लाख रुपए का 320 ग्राम सोना, 90 हजार की एक किलो चांदी शामिल है। वहीं उनके 1.5 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। केजरीवाल की पत्नी के नाम गुरुग्राम में एक घर और पांच सीटर कार भी है। दोनों (केजरीवाल दंपती) के पास कुल 4.23 करोड़ की संपत्ति है।

अरविंद पर लग चुके हैं भ्रष्टाचार के आरोप

17 नवंबर 2021 को दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने एक्साइज पॉलिसी 2021-22 को लागू किया। नई पॉलिसी के तहत, शराब कारोबार से सरकार बाहर आ गई और सभ दुकानें निजी हाथों में चली गईं। इसे लेकर दिल्ली सरकार का दावा था कि नई शराब नीति से माफिया राज खत्म होगा और सरकार के रेवेन्यू में बढ़ोतरी होगी। हालांकि दिल्ली सरकार की यह नीति शुरू से ही विवादों में रही और जब बवाल बढ़ा तो 28 जुलाई 2022 को सरकार ने इसे रद्द कर दिया।

इसे भी पढ़ें:  दिल्ली में CRPF स्कूल के पास ब्लास्ट, फैला धुएं का गुबार, टूट गए आसपास के घरों-दुकानों के शीशे, FSL और बम निरोधक दस्ता पहुंचा

mediahousempcg

RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

Related Articles