
राज्यसभा में राणा सांगा पर हंगामा, मल्लिकार्जुन खरगे बोले-‘संविधान घर जलाने की अनुमति नहीं देता’
राज्यसभा में समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन द्वारा राणा सांगा पर दिए गए बयान ने विवाद उत्पन्न कर दिया है. इस बयान के बाद उनके निवास पर हुए हमले को लेकर विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने अपनी असहमति व्यक्त की और कहा कि संविधान इस प्रकार की हिंसा की अनुमति नहीं देता. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महाराणा प्रताप, राणा सांगा और देश के अन्य नायकों ने जो बलिदान दिया है, उनका सम्मान किया जाना चाहिए.
सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि राणा सांगा देशभक्ति के प्रतीक हैं और उनके प्रति की गई अपमानजनक टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया जा सकता. रामजी लाल सुमन की यह टिप्पणी सदन की कार्यवाही से हटा दी गई है. इस पर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यदि इस सदन में किसी देश के नायक का अपमान किया जाता है, तो यह केवल सुमन जी का मुद्दा नहीं है. वे एक वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन राणा सांगा के बारे में उनका वक्तव्य, भले ही उसे कार्यवाही से हटा दिया गया हो, सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है. इस प्रकार के बयान को कोई कैसे स्वीकार कर सकता है. इसलिए मैं आग्रह करता हूं कि इंडिया गठबंधन और कांग्रेस के नेता इस बयान की निंदा करें.
सांसद के घर पर हमले की निंदा करता हूं: खरगे
नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सभापति की टिप्पणी का समर्थन करते हुए कहा कि हम आपके विचारों का स्वागत करते हैं. इस देश में जो भी देशभक्त हैं और जिन्होंने देश के लिए संघर्ष किया है, उनका मैं सम्मान करता हूं. लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि कोई व्यक्ति कानून को अपने हाथ में लेकर किसी के घर में तोड़फोड़ करे या उसकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाए. हम इस व्यवहार को कभी स्वीकार नहीं करेंगे और इसकी कड़ी निंदा करते हैं. सभापति जी, आपकी बातों से हम सहमत हैं, लेकिन इस मुद्दे को उठाकर जो तोड़फोड़ की जा रही है, वह अपमानजनक है. दलितों के खिलाफ हो रहे इस अन्याय को हम सहन नहीं करेंगे और उनकी सुरक्षा को बढ़ाने की आवश्यकता है.



