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छत्तीसगढ़

राजिम कुंभ में नहीं आ रही भीड़ : खाली-खाली मेले में दिनभर ऊंघ रहे व्यापारी, इवेंट चमकाने के चक्कर में हो रहा नुकसान

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राजिम। आस्था और परंपरा के नाम पर आयोजित राजिम कुंभ कल्प मेला इस बार बड़े सवालों के घेरे में है। दूर-दराज से आए छोटे और मध्यम व्यापारी कारोबार की खराब स्थिति से बेहद निराश दिख रहे हैं। आयोजन को भव्य और ऐतिहासिक बताने के दावों के विपरीत, मेला मैदान की जमीनी हकीकत बेहद फीकी नजर आती है। दोपहर के समय भी खाली दुकानें, सोते व्यापारी और सन्नाटे से भरा मैदान इस आयोजन की तैयारी पर सीधा सवाल खड़े कर रहे हैं।

गिरा हुआ व्यापार, गिरे हुए परदे
मीना बाजार में सन्नाटा, व्यापारी कुर्सियों पर सोते दिखे वहीं गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे मीना बाजार का नजारा चौंकाने वाला था। कई दुकानों के पाल और परदे नीचे गिरे थे। कई व्यापारी अपनी ही कुर्सियों पर सोते या आराम करते मिले- मानो घंटों की प्रतीक्षा के बाद भी ग्राहक न आने से थक चुके हों। भोपाल से आए लोहे के औजार बेचने वाले एक व्यापारी ने कहा कि, ‘इतना खर्च करके आते हैं, पर इस बार ग्राहक ही नहीं हैं।’ उनका कहना है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार खरीदारों की संख्या बेहद कम है, जिससे रोजाना का खर्च निकालना भी कठिन हो रहा है।

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Rajim Kumbh Mela business loss
कुर्सियों पर सोते व्यापारी 

खाली नदी तट- आस्था के केंद्र में भी गायब भीड़
मेला क्षेत्र के नदी तट पर भी उम्मीद के विपरीत सन्नाटा देखा गया। स्थानीय लोगों के अनुसार दोपहर के समय वहाँ दस लोग भी मौजूद नहीं थे। यह दृश्य उस आयोजन की वास्तविकता बयान करता है, जिसे भारी भीड़ और पर्यटन का केंद्र बताया जा रहा था।

इवेंट चमका, व्यापारियों का कारोबार ठप
व्यापारियों का आरोप है कि इस बार इवेंट मैनेजमेंट को लेकर इतना जोर रहा कि परंपरागत बाजार और खरीदारों की जरूरतें पीछे छूट गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़े-बड़े मंच, व्यवस्थाएं और शो तो दिख रहे हैं, लेकिन खरीदारी करने आए लोगों की भीड़ नहीं। कुछ व्यापारियों ने यह भी कहा कि, ‘इवेंट की चमक में असली मेला दब गया है।’

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Rajim Kumbh Mela empty market
व्यापारियों का कारोबार ठप

निजी गार्डों पर सख्ती और बदसलूकी के आरोप
कुछ श्रद्धालुओं ने शिकायत की है कि इवेंट से जुड़े कर्मचारी उन्हें दुपहिया वाहन खड़ा करने से रोक रहे थे। कई लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि निजी सुरक्षा गार्ड आम लोगों के साथ जरूरत से ज्यादा सख्ती और दुर्व्यवहार कर रहे हैं। यदि यह आरोप सही हैं तो आयोजन की पारदर्शिता और लोगों के सम्मान पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

व्यापारियों ने अगले साल नहीं आने की दी चेतावनी
दूर-दराज से आए कई छोटे व्यापारियों ने कहा कि यदि स्थितियां ऐसी ही रहीं तो वे भविष्य में इस मेले में भाग लेने से बचेंगे। उन्हें न तो पर्याप्त ग्राहक मिल रहे हैं, न ही व्यवस्था ऐसा माहौल देती है जिसमें वे अपने खर्च निकाल सकें।

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fallen curtains at Rajim Kumbh Mela

प्रशासन से जांच और सुधार की मांग
स्थानीय लोग और व्यापारी जिला प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि-

  • भीड़ प्रबंधन और असल आंकड़ों की समीक्षा
  • निजी गार्डों के व्यवहार की जांच
  • व्यापारियों की समस्याओं पर तत्काल सुनवाई
  • मेला क्षेत्र में खरीदारों को आकर्षित करने के व्यावहारिक कदम
  • परंपरागत मेले की मूल भावना को बहाल करना

लोगों का कहना है कि राजिम कुंभ को बचाना है तो चमक-दमक से ज्यादा जमीनी सच्चाई पर ध्यान देना होगा।

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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