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छत्तीसगढ़

युक्तियुक्तकरण से ग्रामीण शिक्षा में आ रहा निखार, बच्चों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

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सक्ती। राज्य शासन द्वारा शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के तहत की जा रही पदस्थापना प्रक्रिया का लाभ अब ग्रामीण अंचलों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। इसका सकारात्मक उदाहरण विकासखण्ड मालखरौदा के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला उरांवपारा अड़भार में देखने को मिला है। इस विद्यालय में पहले केवल एक शिक्षक के माध्यम से शैक्षणिक गतिविधियाँ संचालित होती थीं। सीमित शिक्षक होने के कारण बच्चों को सभी विषयों की पढ़ाई नहीं मिल पा रही थी और उनकी शिक्षा बाधित हो रही थी। लेकिन अब राज्य शासन द्वारा किए गए युक्तियुक्तकरण के तहत इस शाला में शिक्षिका श्रीमती कुसुमलता गबेल की पदस्थापना की गई है। इस नियुक्ति के बाद न केवल स्कूल में सभी विषयों की पढ़ाई नियमित रूप से हो रही है, बल्कि छात्रों को पढ़ाई में बेहतर मार्गदर्शन और उत्साह भी मिल रहा है।

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विद्यालय के शिक्षक ने बताया कि यह पहल ग्रामीण व पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है। अब प्रत्येक विषय की पढ़ाई छात्रों को कराया जा रहा हैं, जिससे छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन मिल रहा है और बच्चों की उपस्थिति में भी सकारात्मक वृद्धि दर्ज हो रही है। राज्य शासन की यह पहल न केवल शिक्षा की गुणवत्ता को ऊँचा उठा रही है, बल्कि ग्रामीण विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को भी नई दिशा दे रही है। यह केवल व्यवस्था सुधार नहीं, बल्कि हर बच्चे को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की दिशा में बड़ा कदम है। जब बच्चों को उनकी मातृभाषा, स्थानीय संदर्भ और समर्पित शिक्षकों के साथ पढ़ने का मौका मिलता है, तो वे बेहतर सीखते हैं और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर अग्रसर होते हैं।

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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