Advertisment
छत्तीसगढ़खेलकूदरायपुर

डोपिंग केस में फंसे छत्‍तीसगढ़ के दो वेटलिफ्टर-कोच : सीजी वेटलिफ्टिंग संघ ने किया निलंबित

S-G-Travels
WhatsApp-Image-2026-06-17-at-4.28.41-PM-300x200
WhatsApp Image 2026-07-05 at 5.05.16 PM
रायपुर। नेशनल प्रतियोगिता में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने वाले दो खिलाड़ी और कोच डोपिंग लेने के मामले में फंस गए हैं। जय भवानी व्यायामशाला की एकता बंजारे और मिथिलेश सोनकर का राष्ट्रीय डोप रोधी एजेंसी ने डोप टेस्ट किया, जिसका रिजल्ट पॉजिटिव पाया गया है। रविवार को ओलंपिक दिवस पर नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी ने दोनों खिलाड़ियों और कोच अजय लोहार को चार सालों के निलंबित करने का फैसला लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक एजेंसी ने 19 मार्च को खेलो इंडिया इंटर जोन प्रतियोगिता के दौरान एकता और 9 अक्टूबर को मिथिलेश को औचक रूप से डोप टेस्ट के नमूने लिए थे। रिपोर्ट में पाया गया है कि,  खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में ताकत बढ़ाने के लिए डोपिंग ली थी, जिसमें स्टेरॉयड शामिल है। दोनों खिलाड़ियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर के मैच में गोल्ड मेडल हासिल किया है। पिछले साल सरकार ने कोच को 5 लाख रुपए आर्थिक मदद करने की भी घोषणा की थी। डोप टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद खिलाड़ियों और कोच को भी इसका खामियाजा शर्मिंदगी के साथ-साथ भारतीय वेटलिफ्टिंग फेडरेशन पर प्रतिबंध के रूप में चुकाना पड़ेगा।
इसे भी पढ़ें:  छत्तीसगढ़ में बढ़ने लगी गर्मी : कई इलाकों में लू का असर, पारा 39.5 डिग्री तक पहुंचा
दो तरह से लिए जाते हैं डोप के सैंपल पहले टेस्ट में खिलाड़ी के यूरीन को सैंपल के तौर पर लिया जाता है। इसमें उसके सैंपल को ए और बी बोतलों में रखा जाता है। ए सैंपल के टेस्ट के आधार पर ही खिलाड़ी के निगेटिव और पॉजीटिव होने का पता चलता है। कई बार खिलाड़ी की ओर से विरोध करने पर बी सैंपल का भी टेस्ट होता है। दूसरे टेस्ट में खिलाड़ी के खून का टेस्ट होता है। इसमें भी ए और बी सैंपल बनाए जाते हैं। इसका भी टेस्ट पहले की तरह किया जाता है। एजेंसी को खिलाड़ियों पर था शक
इसे भी पढ़ें:  दंतेवाड़ा में फिर मासूम का अपहरण : महीनेभर में दूसरी घटना, अब तक पुलिस के हाथ खाली, लोगों में आक्रोश
छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने लगातार वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में पदकों के अंबार लगाए हैं। एजेंसी को शक था कि प्रतियोगिता में दम दिखाने के लिए डोपिंग का उपयोग किया जा रहा है। यही वजह रही कि एजेंसी ने मिथिलेश का सैंपल रैंडमली लिया, जबकि एकता का टेस्ट प्रतियोगिता के दौरान लिया गया। दोनों के यूरीन में स्टेरॉयड और एनाबॉलिक पाया गया। यह स्टेरॉयड हार्मोन होते हैं, जो मांसपेशियों के विकास में मदद करते हैं और ताकत व ऊर्जा बढ़ाते हैं। इसके सेवन से कई दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक आने वाले समय में छत्तीसगढ़ से और भी खिलाड़ी डोपिंग मामले में फंस सकते हैं।
इसे भी पढ़ें:  महिला आयोग में हंगामा: सदस्यों ने अध्यक्ष के खिलाफ खोला मोर्चा, जन सुनवाई का किया बहिष्कार
सप्लीमेंट्स और एनर्जी ड्रिंक का प्रयोग खिलाड़ी अपने प्रदर्शन को बढ़ाने के लिए सप्लीमेंट्स और एनर्जी ड्रिंक का प्रयोग कर रहे हैं। शॉट टर्म में यह खिलाडियों को अच्छा लगता है, लेकिन आगे चलकर यह खिलाड़ियों की सेहत पर हानिकारक साबित होता है। जांच में खिलाड़ी डोपिंग में भी फंस जाते हैं। लंबे समय के बाद राष्ट्रीय डोप रोधी एजेंसी ने जांच कर खिलाड़ियों को निलंबित किया है। कोच को किया निलंबित छत्तीसगढ़ वेटलिफ्टिंग एसोसिएशन के महासचिव राजेश जंघेल ने बताया कि , राष्ट्रीय डोप रोधी एजेंसी ने छत्तीसगढ़ के दो वेटलिफ्टिंग खिलाड़ियों का डोपिंग टेस्ट किया था, जो पॉजिटिव पाया गया। एजेंसी ने दोनों को 4 साल के लिए निलंबित किया है। नियमानुसार छत्तीसगढ़ वेटलिफ्टिंग एसोसिएशन ने कोच अजय लोहार को भी निलंबित करने का फैसला लिया है।

mediahousempcg

RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

Related Articles