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चीन की ‘परमाणु पनडुब्बी’ समंदर में डूबी, अमेरिका ने ले लिए मजे

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चीन की हमलावर परमाणु पनडुब्बी समंदर में डूब गई है। ये दावा अमेरिका (USA) के एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने गुरुवार (26 सितंबर) को किया। अधिकारी ने कहा कि चीन ने जो नई परमाणु-संचालित हमलावर पनडुब्बी बनाई थी, वह इस साल की शुरुआत में डूब गई है। अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि यह बीजिंग के लिए एक शर्मिंदगी की तरह है। वहीं अमेरिका ने चीन की पनडुब्बी डूबने पर चीन के मजे भी ले लिए।

अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि प्रशिक्षण मानकों और उपकरणों की गुणवत्ता पर उठने वाले सवालों के अलावा, यह घटना पीएलए की आंतरिक जवाबदेही और चीन के रक्षा उद्योग की निगरानी के बारे में गहरे सवाल उठाती है- जो लंबे समय से भ्रष्टाचार से ग्रस्त है। यह बीजिंग के लिए एक शर्मिंदगी की तरह है, जो अपनी सैन्य क्षमताओं का विस्तार करना चाहता है। चीन के पास पहले से ही 370 से अधिक जहाजों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना है।

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वरिष्ठ अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि चीन की नई प्रथम श्रेणी की परमाणु ऊर्जा से चलने वाली हमलावर पनडुब्बी मई और जून के बीच किसी समय डूब गई थी। हालांकि वॉशिंगटन में चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि उनके पास इस संबंध में बताने के लिए कोई जानकारी नहीं है।

इस तरह हुआ खुलासा

प्लैनेट लैब्स ने जून में ली गईं सैटेलाइट तस्वीरों की एक श्रृंखला जारी की है, जिसमें चीन के वुचांग शिपयार्ड में क्रेन दिखाई दे रहे हैं। माना जा रहा है कि डूबने वाली परमाणु पनडुब्बी को इसी शिपयार्ड में डॉक किया गया था। अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2022 तक चीन के पास छह परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां, छह परमाणु-संचालित हमलावर पनडुब्बियां और 48 डीजल-संचालित हमलावर पनडुब्बियां थीं। चीन अपनी पनडुब्बियों की संख्या को साल 2025 तक 65 और साल 2035 तक 80 तक बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है।

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चीनी उपकरणों की गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल

अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि इसके डूबने का कारण क्या था या उस समय इसमें परमाणु ईंधन था या नहीं। अधिकारी ने कहा, ‘प्रशिक्षण मानकों और उपकरणों की गुणवत्ता पर उठने वाले सवालों के अलावा, यह घटना पीएलए की आंतरिक जवाबदेही और चीन के रक्षा उद्योग की निगरानी के बारे में गहरे सवाल उठाती है। यह लंबे समय से भ्रष्टाचार से ग्रस्त है। यह आश्चर्य की बात नहीं है कि चीन की नौसेना अपने न्यूक्लियर सबमरीन के डूबने की बात को छिपाने की कोशिश करेगी। यह खबर सबसे पहले वॉल स्ट्रीट जर्नल ने प्रकाशित की थी।

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