बिलासपुर। कोयला घोटाला और मनी लांड्रिंग केस में जेल में बंद सौम्या चौरसिया को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है, कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। सौम्या की जमानत अर्जी पर हाईकोर्ट ने ED से जवाब मांगा है. बता दें कि सौम्या चौरसिया ने बच्चों की परवरिश के आधार पर जमानत की मांग की है, अब मामले की सुनवाई 10 जून के बाद होगी सुनवाई.
सौम्या चौरसिया की तरफ से पैरवी कर रहे एडवोकेट हर्षवर्धन परघनिया के साथ ही दिल्ली के सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट ने ऑनलाइन पैरवी की। उन्होंने सौम्या चौरसिया को अपने बच्चों की परवरिश के आधार पर जमानत मांगी है, लेकिन जस्टिस NK व्यास ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। साथ ही प्रवर्तन निदेशालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
निलंबित IAS रानू साहू और सौम्या चौरसिया की पेशी।
रायपुर हाईकोर्ट में रानू साहू और सौम्या की पेशी
वहीं छत्तीसगढ़ में कोयला घोटाला केस में EOW की रिमांड पर निलंबित IAS रानू साहू और सौम्या चौरसिया 4 दिन की रिमांड पूरी होने के बाद आज दोपहर रायपुर के स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा। EOW की टीम फिर से आज दोनों की रिमांड लेने के की कोशिश करेगी।
कोयला घोटाले के पैसों से कई जगह जमीन खरीदी
EOW ने रानू साहू के भाई पीयूष साहू और रानू के भाई अनुराग चौरसिया से पूछताछ कर चुकी है। मिली जानकारी के EOW पीयूष से जमीन संबंधित दस्तावेजों को लेकर पूछताछ की है। EOW को इनपुट मिले थे कि कोयला घोटाले के पैसों से पीयूष साहू ने कई जगह जमीन और संपत्ति बनाई है।
सौम्या चौरसिया की जमानत याचिका पर सुनवाई
बिलासपुर हाईकोर्ट में आज सौम्या चौरसिया की जमानत याचिका पर भी सुनवाई होनी है। जस्टिस एन के व्यास की कोर्ट में सुनवाई होगी। चौरासिया की ओर से पेश की गई जमानत याचिका में कहा गया है कि ED ने कोल स्कैम केस में कोयला घोटाला मामले में शेड्यूल ऑफेस ही नहीं है । सौम्या की याचिका में बच्चे की परवरिश को आधार बनाया गया है।
निलंबित IAS रानू साहू और सौम्या चौरासिया जेल में बंद।
2 दिसंबर 2022 से जेल में बंद है सौम्या चौरसिया
पिछली कांग्रेस सरकार में ताकतवर और प्रभावशाली अफसर रहीं सौम्या चौरसिया को कोयला घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED ने 2 दिसंबर 2022 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वे सेंट्रल जेल रायपुर में बंद हैं।
इससे पहले कोयला घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग केस में सुप्रीम कोर्ट ने सौम्या की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने गलत तथ्य पेश करने पर उन पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया था।वही 16 अप्रैल को भी रायपुर के स्पेशल कोर्ट से सौम्या की याचिका खारिज हो गई थी।