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कैंसर का खतरा:‘बुड्ढी के बाल’ में मिलाया जा रहा कपड़ा रंगने वाला रसायन

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गली-गली बिकने वाले ‘बुड्ढी के बाल’ यानी कॉटन कैंडी में ‘रोडामाइन-बी’ नामक खतरनाक रसायन मिलाया जा रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक खाने में इसका इस्तेमाल, कैंसर का कारण बन सकता है। किडनी फेल हो सकती है। साथ ही लीवर में भी खराबी आ सकती है।

वास्तव में ‘रोडामाइन-बी’ का इस्तेमाल टेक्सटाइल इंडस्ट्री में कपड़ों की रंगाई के लिए होता है। फेरीवाले भी कॉटन कैंडी को गुलाबी या हरा रंग देने के लिए रोडामाइन-बी का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं। भास्कर ने काॅटन कैंडी बेचने वाले कुछ दुकानदारों से बात की तो पता चला कि शहर में 100 से ज्यादा लोग इस कारोबार में लगे हैं। इन्होंने बताया कि एक फेरीवाला हर माह औसतन 8 बोतल फूड कलर का इस्तेमाल कर रहा है।

  • कर्नाटक सरकार ने कॉटन कैंडी और गोभी मंचूरियन में रोडामाइन-बी के इस्तेमाल पर रोक लगाई है।
  • तमिलनाडु, गोवा और पुडुचेरी में भी बुड्ढी के बाल यानी रुई मिठाई की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है।
  • इधर, छत्तीसगढ़ में अभी तक किसी भी प्रकार की सख्ती नहीं की गई है, न ही खाद्य विभाग ने कोई जांच कर रहा है।
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सिंथेटिक फूड कलर खतरनाक

जब पड़ताल की तो यह सामने आया कि मार्केट में फूड कलर, पाउडर और लिक्विड दोनों रूप में मिल रहे हैं। इसमें सिंथेटिक फूड कलर (आईएनएस-110, ई-127), कैरोसिन (आईएनएस-122) और सिंथेटिक डाई जैसे केमिकल शामिल हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि ये केमिकल शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक है। ये केमिकल्स कई देशों में बैन है।

एक्सपर्ट डॉ. आरएल खरे,एमडी मेडिसिन,अंबेडकर अस्पताल

खाना जितना रंगीन उतना ज्यादा हानिकारक

राज्य में फूड कलर के इस्तेमाल की गाइडलाइन का पालन नहीं हो रहा है। कॉटन कैंडी में फेरीवाले किसी भी प्रकार के कलर का इस्तेमाल करते हैं, भले ही वह खाने लायक हो या नहीं। इसका तुरंत बाद साइड इफेक्ट नहीं दिखता लेकिन अगले 4-5 साल में हार्ट, किडनी, लीवर में दिक्कत होने लगती है। खाना जितना रंगीन दिखता है, उतना ही ज्यादा खतरनाक होता है।

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कॉटन कैंडी का मार्केट असंगठित है। यह मार्केट काफी बड़ा है लेकिन चेंबर के पास इसकी कोई सटीक जानकारी नहीं है।-अमर परवानी, अध्यक्ष, चेंबर ऑफ कॉमर्स

हमने कॉटन कैंडी की जांच की तैयारी शुरू कर दी है। जैसे ही पेपर वर्क खत्म होगा, हम जांच शुरू करेंगे।-बसंत कौशिक,डिप्टी कंट्रोलर, फूड एंड ड्रग

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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