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विशेष विश्लेषण | पर्यावरण प्रतिपूरक निधि (CAMPA) : करोड़ों की हरित पूंजी, जवाबदेही की सबसे बड़ी परीक्षा

विशेष रिपोर्ट | MediaHouseMPCG.com

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भारत में वन संरक्षण, पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति और प्राकृतिक संसाधनों के पुनर्सृजन के उद्देश्य से संचालित Compensatory Afforestation Fund (CAMPA) देश की सबसे महत्वपूर्ण पर्यावरणीय वित्तीय व्यवस्थाओं में से एक है। यह केवल एक “फंड” नहीं, बल्कि पर्यावरणीय क्षति की भरपाई हेतु निर्मित वैधानिक वित्तीय तंत्र है। इसकी पारदर्शिता, व्यय प्रक्रिया और परिणामों की निगरानी सार्वजनिक जवाबदेही का महत्वपूर्ण विषय है। प्रस्तुत है 15 बिंदुओं में विस्तृत विश्लेषण।

1. CAMPA निधि क्या है?

CAMPA (Compensatory Afforestation Fund Management and Planning Authority) उस धनराशि का प्रबंधन करती है, जो तब जमा कराई जाती है जब किसी परियोजना के लिए वन भूमि का गैर-वन उपयोग (Diversion of Forest Land) स्वीकृत किया जाता है। इसका उद्देश्य वन क्षेत्र की क्षति की क्षतिपूर्ति करना है।

2. निधि का स्रोत क्या है?

यह राशि सामान्य कर या बजट से नहीं आती। जब कोई उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, सड़क, रेल, खनन, सिंचाई, विद्युत या अन्य परियोजना के लिए वन भूमि का उपयोग करता है, तब संबंधित परियोजना प्राधिकरण को प्रतिपूरक वनीकरण, नेट प्रेजेंट वैल्यू (NPV) तथा अन्य स्वीकृत शुल्क जमा करने होते हैं। यही CAMPA निधि का आधार बनते हैं।

3. धन किसके पास रहता है?

राष्ट्रीय स्तर पर निधि का प्रबंधन National Compensatory Afforestation Fund के माध्यम से तथा राज्य स्तर पर State CAMPA द्वारा किया जाता है। प्रत्येक राज्य में इसकी संचालन व्यवस्था वन विभाग के अधीन होती है।

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4. प्रशासनिक नियंत्रण किसके पास होता है?

राज्य CAMPA का संचालन सामान्यतः राज्य सरकार के वन विभाग के माध्यम से किया जाता है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF), वन सचिव तथा राज्य सरकार द्वारा नामित अधिकारी विभिन्न प्रशासनिक एवं वित्तीय जिम्मेदारियाँ निभाते हैं।

5. राशि जारी कौन करता है?

राज्य CAMPA की स्वीकृत वार्षिक कार्ययोजना (Annual Plan of Operations – APO) के अनुसार धनराशि जारी की जाती है। राशि का आवंटन निर्धारित प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रक्रिया के बाद संबंधित वन प्रभागों को किया जाता है।

6. किन कार्यों में राशि खर्च की जाती है?

प्रतिपूरक वनीकरण, वन पुनर्जीवन, पौधारोपण, वन सुरक्षा, वन्यजीव संरक्षण, जल संरक्षण, मिट्टी संरक्षण, अग्नि सुरक्षा, वन मार्ग, नर्सरी विकास, आधुनिक निगरानी प्रणाली, वन सीमांकन तथा अन्य अनुमोदित गतिविधियों पर व्यय किया जा सकता है।

7. क्या किसी भी कार्य में राशि खर्च की जा सकती है?

नहीं। प्रत्येक व्यय अनुमोदित दिशा-निर्देशों, कार्ययोजना तथा संबंधित नियमों के अनुरूप होना चाहिए। स्वीकृत उद्देश्य से भिन्न उपयोग वित्तीय एवं प्रशासनिक जांच का विषय बन सकता है।

8. क्या तकनीकी स्वीकृति आवश्यक होती है?

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हाँ। अधिकांश निर्माण एवं विकास कार्यों में तकनीकी स्वीकृति, प्रशासनिक स्वीकृति, लागत अनुमान, कार्यादेश, मापन पुस्तिका (Measurement Book), गुणवत्ता परीक्षण तथा पूर्णता प्रमाणन जैसी प्रक्रियाएँ अपनाई जाती हैं।

9. क्या खर्च का लेखा-जोखा देना अनिवार्य है?

हाँ। CAMPA निधि सार्वजनिक धन के समान उत्तरदायित्व के साथ व्यय की जाती है। लेखा अभिलेख, उपयोगिता प्रमाणपत्र (Utilisation Certificate), वित्तीय विवरण, निरीक्षण रिपोर्ट तथा ऑडिट अभिलेख बनाए जाते हैं।

10. निगरानी कौन करता है?

राज्य CAMPA, वन विभाग, भारत सरकार का पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, आंतरिक लेखा प्रणाली तथा वैधानिक ऑडिट व्यवस्था विभिन्न स्तरों पर निगरानी करती है। आवश्यकता पड़ने पर वैधानिक जांच एजेंसियाँ भी परीक्षण कर सकती हैं।

11. आम नागरिक किन अभिलेखों की मांग कर सकते हैं?

आरटीआई के माध्यम से वार्षिक कार्ययोजना (APO), प्रशासनिक स्वीकृति, तकनीकी स्वीकृति, कार्यादेश, भुगतान विवरण, उपयोगिता प्रमाणपत्र, मापन पुस्तिका, जीआईएस मानचित्र, पौधारोपण स्थल का विवरण, निरीक्षण प्रतिवेदन तथा फोटो दस्तावेज़ मांगे जा सकते हैं, यदि वे सूचना के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत उपलब्ध हों।

12. जांच के प्रमुख संकेतक क्या हो सकते हैं?

क्या पौधारोपण वास्तव में हुआ? जीवित पौधों का प्रतिशत कितना है? कार्य स्थल अनुमोदित स्थान पर है या नहीं? भुगतान और भौतिक प्रगति में सामंजस्य है या नहीं? क्या जीआईएस और जियो-टैगिंग उपलब्ध है? क्या रखरखाव अवधि का पालन हुआ?

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13. संभावित प्रशासनिक जोखिम कहाँ उत्पन्न होते हैं?

यदि अभिलेख अद्यतन न हों, स्थल सत्यापन और अभिलेखों में अंतर हो, गुणवत्ता नियंत्रण कमजोर हो या अनुमोदित योजना से विचलन हो, तो यह ऑडिट अथवा जांच का विषय बन सकता है। किसी भी अनियमितता का निर्धारण सक्षम जांच के बाद ही किया जाता है।

14. पत्रकारों के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज़ कौन-से हैं?

वार्षिक कार्ययोजना (APO), स्वीकृति आदेश, निविदा दस्तावेज़ (जहाँ लागू हो), कार्यादेश, मापन पुस्तिका, भुगतान रजिस्टर, उपयोगिता प्रमाणपत्र, निरीक्षण रिपोर्ट, जीआईएस रिकॉर्ड, जियो-टैग्ड फोटोग्राफ, ऑडिट टिप्पणियाँ तथा प्रगति प्रतिवेदन खोजी रिपोर्टिंग के प्रमुख आधार हो सकते हैं।

15. निष्कर्ष : CAMPA केवल खर्च नहीं, परिणाम की व्यवस्था है

CAMPA निधि का उद्देश्य केवल धन व्यय करना नहीं, बल्कि पर्यावरणीय क्षति की वास्तविक भरपाई सुनिश्चित करना है। इसलिए किसी भी परियोजना का मूल्यांकन केवल स्वीकृत राशि से नहीं, बल्कि लगाए गए पौधों की उत्तरजीविता, पुनर्जीवित वन क्षेत्र, जैव विविधता संरक्षण, जल-संरक्षण के प्रभाव, स्वतंत्र निरीक्षण तथा उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर किया जाना चाहिए। पारदर्शिता, वैज्ञानिक निगरानी और सार्वजनिक जवाबदेही ही इस निधि की वास्तविक सफलता का मानक हैं।

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