
श्री गुरवे नमः 🪔🌺 ✨ श्री सद्गुरु चरणारविन्दार्पणम् ✨ 🙏 परम पावन गुरुपूर्णिमा महा-महोत्सव 2026 दिव्य सान्निध्य का अमृतिमय आमंत्रण
"जब सद्गुरु स्वयं स्मरण करें, तब वह केवल निमंत्रण नहीं, अपितु ईश्वर की करुणा का दिव्य आह्वान होता है।"
परम करुणामय, परम पूज्य, विश्ववंदनीय सद्गुरु श्री ऋतेश्वर जी के श्रीचरणों में कोटिशः प्रणाम अर्पित करते हुए, अत्यंत हर्ष, श्रद्धा एवं आत्मीय भाव से आपको “गुरुपूर्णिमा महा-महोत्सव–2026” के दिव्य, अलौकिक एवं आध्यात्मिक महापर्व में सपरिवार सादर आमंत्रित किया जाता है।
गुरुपूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, अपितु गुरु-कृपा के अमृत-सागर में आत्मा के स्नान का दुर्लभ अवसर है। यह वह परम मंगलमय क्षण है जब सद्गुरु की कृपादृष्टि साधक के जीवन में ज्ञान, शांति, प्रेम, सेवा, भक्ति एवं आत्मजागरण का नवीन प्रकाश भर देती है।
आइए…
अपने समस्त अहंकार, चिंताओं और सांसारिक व्यस्तताओं को सद्गुरु श्री के श्रीचरणों में समर्पित कर, उनके दिव्य आशीर्वचनों, पावन दर्शन एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का अमूल्य प्रसाद प्राप्त करें।
🌸 दिव्य आयोजन का कार्यक्रम
📍 जबलपुर (मध्यप्रदेश)
🗓️ 27–28 जुलाई 2026
गुरुपूर्णिमा महा-महोत्सव
सद्गुरु श्री के दिव्य सान्निध्य, आशीर्वचन एवं आध्यात्मिक साधना का परम पावन अवसर।
📍 रायपुर (छत्तीसगढ़)
🚩 28 जुलाई: रायपुर हेतु प्रस्थान
🗓️ 28–30 जुलाई 2026
गुरुपूर्णिमा महा-महोत्सव
📍 नागपुर (महाराष्ट्र)
🚩 30 जुलाई: नागपुर हेतु प्रस्थान
🗓️ 30–31 जुलाई 2026
गुरुपूर्णिमा महा-महोत्सव
🌺 विनम्र प्रार्थना
यदि सद्गुरु की कृपा से यह आमंत्रण आपके करकमलों तक पहुँचा है, तो इसे केवल एक पत्र न समझें—यह सद्गुरु श्री की असीम करुणा, अनुकम्पा एवं प्रेम का दिव्य संदेश है।
आपकी पावन, स्नेहमयी एवं गरिमामयी उपस्थिति इस महोत्सव की शोभा को अनेक गुना बढ़ाएगी तथा हम सभी के लिए प्रेरणा, सौभाग्य एवं सद्गुरु-कृपा का अनुपम प्रसाद बनेगी।
आइए, हम सभी मिलकर गुरु-भक्ति, प्रेम, सेवा, साधना एवं आत्मसमर्पण के इस दिव्य उत्सव के सहभागी बनें और अपने जीवन को सद्गुरु-कृपा से धन्य करें।
🌼 सादर समर्पित
🙏 आई.टी. एवं मीडिया सेल
गुरुपूर्णिमा महा-महोत्सव – 2026
📞 संपर्क: 7898733553
🕉️ गुरु वंदना
॥ गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः ॥
॥ गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥
🌺 “गुरु ही वह दिव्य प्रकाश हैं, जिनकी कृपा से जीवन अज्ञान के अंधकार से निकलकर आत्मबोध, प्रेम, शांति और परम सत्य की ओर अग्रसर होता है। आइए, गुरुपूर्णिमा के इस पावन अवसर पर सद्गुरु श्री के श्रीचरणों में श्रद्धा, भक्ति एवं समर्पण के पुष्प अर्पित कर अपने जीवन को धन्य बनाएं।”



