Advertisment
अन्य खबरें

पिता बनने के बाद बेटे का चेहरा देखने के लिए मांग रहा था छुट्टी, होटल मालिक ने किया इनकार तो दे दी जान

S-G-Travels
WhatsApp-Image-2026-06-17-at-4.28.41-PM-300x200
WhatsApp Image 2026-07-05 at 5.05.16 PM

 भोपाल। नवजात बच्चे को देखने की तड़प और नौकरी की मजबूरी के बीच मिसरोद की नटराज कॉलोनी में रहने वाले एक पिता ने फांसी लगाकर जान दे दी। 22 वर्षीय सौरभ उइके की आत्महत्या ने एक बार फिर हमारे समाज की बेरहम व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं की अनदेखी को उजागर किया है।

सौरभ की पत्नी ने करीब 15 दिन पहले मायके में एक बेटे को जन्म दिया था। सौरभ उसे देखने और घर लाने के लिए व्याकुल था, लेकिन कई बार छुट्टी की अर्जी लगाने के बावजूद उसे अपने होटल की नौकरी से छुट्टी नहीं मिली। व्यथित होकर सौरभ ने शनिवार को अपने ही घर में फांसी लगाकर जान दे दी।

इसे भी पढ़ें:  कैंसर का खतरा:‘बुड्ढी के बाल’ में मिलाया जा रहा कपड़ा रंगने वाला रसायन

मां ने फोन कर मालिक से मांगी थी छुट्टी

एसआई सूर्यनाथ यादव के अनुसार, सौरभ उइके मूलत: रायसेन जिले का रहने वाला था। वह नटराज कॉलोनी में रहते हुए समरधा स्थित एक होटल में काम करता था। करीब एक साल पहले उसकी शादी हुई थी।

चूंकि युवक की मां भी समरधा के एक अन्य होटल में काम करती है तो देखरेख के लिए पत्नी को गर्भावस्था के दौरान पिछले महीने मायके भेज दिया था। वहां करीब 15 दिन पहले उसने बच्चे को जन्म दिया।

छुट्टी नहीं मिल रही थी

युवक ने होटल मालिक से छुट्टी मांगी तो उसने इनकार कर दिया। शनिवार दोपहर वह काम से लौटा तो मां को फोन कर कहा कि वह बेटे को देखना चाहता है और पत्नी को लेने ससुराल जाना चाहता है, लेकिन छुट्टी नहीं मिल रही है। तब मां ने कहा कि वह उसके मालिक से बात कर लेगी।

इसे भी पढ़ें:  नक्सलियों से वार्ता के लिए सरकार है तैयार

कुछ देर बाद मां ने होटल मालिक से छुट्टी की बात कर ली और बेटे को यह बताने फोन किया तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद मां ने अपने भाई को भेजा, वह घर गए तो सौरभ फंदे पर लटका मिला। पुलिस को सुसाइड नोट नहीं मिला है।

mediahousempcg

RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

Related Articles