
रायपुर। डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए रेलवे जोन के अधिकारियों ने आरक्षण केंद्र और अनारक्षित टिकट केंद्र में कई कैश काउंटर बंद कर दिए हैं। इससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। स्थिति यह कि टिकट काउंटरों में लंबी लाइन लग रही है।
रायपुर रेलवे स्टेशन के अनारक्षित टिकट काउंटर की लंबी लाइन में खड़े रहने के बाद जब यात्री काउंटर पर टिकट लेने पहुंचते हैं, तो पता चलता है कि उक्त काउंटर सिर्फ डिजिटल पेमेंट के लिए ही है। इसके बाद फिर से यात्रियों को कैश काउंटर की लाइन में खड़ा होना पड़ता है।
ऐसे में कई यात्री बिना टिकट ट्रेन में सफर करने को मजबूर होते हैं या टिकट के चक्कर में ट्रेनें छूट जा रही हैं। स्टेशन के पांच टिकट काउंटर बंद होने का खमियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। वहीं, मुख्य टिकट रिजर्वेशन केंद्र के चार काउंटर बंद करा दिए हैं।
इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि अधिकतर यात्री ई-टिकट करा रहे हैं। इसलिए अब केवल दो काउंटरों से ही काम चलाया जा रहा है। काउंटरों पर हर श्रेणी के यात्रियों को टोकन नंबर लेकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। रेलवे ने रायपुर स्टेशन में सांसद, विधायक और पत्रकारों, सीनियर सिटीजन वाला स्पेशल रिजर्वेशन काउंटर बंद करके जहां परेशानी बढ़ाई है।
ट्रेनें रद होने पर रिफंड लेने के लिए लग रही भीड़
स्टेशन के दो रिजर्वेशन टिकट काउंटर पर सबसे अधिक सीनियर सिटीजन पहुंचते हैं। खासकर जब अचानक से ट्रेनें रद होती है, तब रिफंड और टिकट लेने के लिए इसी काउंटरों पर यात्रियों की लंबी लाइन लगने से काफी काफी समय लग रहा है।
आरक्षण केंद्र के कर्मचारियों का कहना है कि पहले हर महीने करीब चार हजार तक रिजर्वेशन टिकट बनते थे, जिसमें काफी कमी आई है। अब आसानी से लोग ई-टिकट ले रहे हैं, इसलिए चार काउंटर को बंद करने का फैसला लिया गया है।
स्टेशन में बंद मिले कई टिकट काउंटर
नईदुनिया ने पड़ताल की तो अनारक्षित टिकट काउंटरों में यात्रियों की लंबी लाइने देखने को मिली। टिकट लेने यात्रियों को आधे-आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। यात्रियों का कहना था कि लंबी लाइन लगने के बाद भी कैश टिकट काउंटरों को बंद रखने का फैसला सही नहीं है।



