
जन-धन खातों पर कसेगा शिकंजा, गांव-गांव होगी दस्तावेजों की पड़ताल: RBI के 3 बड़े फैसलों का आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा?
10 साल पहले जिन जन-धन खातों ने लाखों गरीबों को पहली बार बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा था, अब उन्हीं खातों की दोबारा जांच का वक्त आ गया है. RBI ने बड़ा कदम उठाते हुए बैंकों को निर्देश दिया है कि वे 1 जुलाई से 30 सितंबर तक ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष कैंप लगाएं, जहां जन-धन खातों का री-केवाईसी (KYC अपडेट) मुफ्त में किया जाएगा.
इस निर्देश के पीछे दो प्रमुख उद्देश्य हैं पहला, बैंक खातों को धोखाधड़ी से सुरक्षित रखना, और दूसरा, यह सुनिश्चित करना कि 10 साल पहले खुले खाते अब भी वैध जानकारी से जुड़े हुए हैं.
अब हर दस्तावेज की दोबारा जांच होगी
जन-धन योजना की शुरुआत 2014 में हुई थी, और कई खातों में उस समय केवल सीमित या बेसिक KYC डॉक्युमेंट्स लिए गए थे. RBI का कहना है कि जिन खातों की KYC वैधता अब समाप्त हो चुकी है, उन्हें री-केवाईसी कराना अनिवार्य होगा ताकि खाता सक्रिय रह सके.
इस अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद बैंक उपभोक्ताओं को न केवल KYC अपडेट करने का मौका मिलेगा, बल्कि वे नए खाते खोलने, बीमा योजनाओं से जुड़ने और वित्तीय सेवाओं की जानकारी भी मुफ्त में प्राप्त कर सकेंगे.
जिसने खाता खोला, वह अब नहीं रहा… तो पैसा कैसे मिलेगा?
RBI ने मृत खाता धारकों के दावों से जुड़ी प्रक्रिया को भी नया रूप दिया है. अभी तक हर बैंक की अपनी प्रक्रिया थी, जिससे मृतक के परिवार को भारी कागज़ी कार्यवाही और देरी का सामना करना पड़ता था.
अब RBI एक समान प्रक्रिया (Uniform Process) लागू करने जा रहा है, जिसमें सभी बैंकों को एक जैसी गाइडलाइंस, दस्तावेज़ और प्रक्रियाएं अपनानी होंगी. चाहे दावेदार नॉमिनी हो, कानूनी वारिस हो या परिवार का कोई सदस्य, अब दावा करना आसान और तेज़ हो जाएगा.



