आज से करीब 20 साल पहले जिस वायरस ने दुनियाभर में तबाही मचाई थी, वह एक बार फिर वापस आ गया है. इस वायरस का नाम चिकनगुनिया (Chikungunya) है. पिछले कुछ महीनों से ला रीयूनियन, मायोट और मॉरीशस जैसे द्वीपों से फैलकर चिकनगुनिया वायरस मैडागास्कर, सोमालिया और केन्या जैसे अफ्रीकी देशों तक पहुंच गया था. अब चीन में यह तेजी से फैल रहा है. चीन के गुआंगडोंग प्रांत में मच्छर से फैलने वाले चिकनगुनिया वायरस के 7000 से ज्यादा मामले सामने आए हैं. इस वायरस को महामारी बनने से रोकने के लिए चीन में बड़े-बड़े जाइंस मच्छर छोड़े जा रहे हैं, जो चिकनगुनिया फैलाने वाले छोटे मच्छरों को खत्म कर सकते हैं. सरकार की तरफ से चीनी प्रांत के सभी लोगों को अपने घरों में जमा पानी हटाने के निर्देश दिए गए हैं.ऐसा न करने पर 1 लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाने की वॉर्निंग भी दी गई है.
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने पिछले महीने ही चेतावनी दी थी कि एक बार चिकनगुनिया एशियाई देशों से लेकर यूरोप तक तबाही मचा सकता है. इस वक्त एशिया और यूरोप के कई देशों में इसके केस लगातार बढ़ रहे हैं. WHO ने बताया था कि इस वक्त 119 देशों में करीब 560 करोड़ लोग चिकनगुनिया इंफेक्शन के खतरे में हैं. चिकनगुनिया के मामले सिर्फ चीन ही नहीं, बल्कि भारत में भी हर साल देखने को मिलते हैं. बरसात में मच्छरों का कहर बढ़ जाता है और चिकनगुनिया वायरस भी ज्यादा फैलने लगता है. साल 2005 में चिकनगुनिया ने महामारी का रूप ले लिया था और तब यह बीमारी हिंद महासागर के छोटे द्वीपों से शुरू होकर 5 लाख से ज्यादा लोगों में फैल गई थी. रेयर मामलों में चिकनगुनिया विकलांगता का कारण बन सकता है.
दुनियाभर में चिकनगुनिया को लेकर क्यों है टेंशन?
WHO के मुताबिक एक वक्त था, जब चिकनगुनिया वायरस उष्णकटिबंधीय देशों में फैलता था. तब यूरोप में इसका खतरा बेहद कम था, लेकिन अब यूरोप में भी चिकनगुनिया वायरस के मामले देखने को मिल रहे हैं, जिससे एक्सपर्ट्स की चिंता बढ़ गई है. जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल टूरिज्म के कारण यह वायरस अब यूरोप में भी फैल रहा है. फ्रांस में 1 मई के बाद से चिकनगुनिया के लगभग 800 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें 12 स्थानीय संक्रमण शामिल हैं. कुछ मामलों में मच्छरों के जरिए बिना यात्रा किए लोग संक्रमित हो रहे हैं. इटली में भी हाल ही में एक मामला दर्ज किया गया है. इससे साफ है कि अब यह एशियाई देशों से लेकर यूरोप तक फैल रहा है, जिससे सभी की चिंता बढ़ गई है. भारत की बात करें, तो देश में चिकनगुनिया के मामले हर साल सामने आते हैं, लेकिन स्थिति कंट्रोल में रहती है. हालांकि इससे बचना बेहद जरूरी है.