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बालोदछत्तीसगढ़

बालोद में बेटे पर पुलिस ने की कार्रवाई तो पिता को लगा सदमा, ब्रेनहेमरेज से मौत, डॉक्टर से मारपीट का है आरोप

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बालोद। छत्‍तीसगढ़ के बालोद जिले के अर्जुंदा थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां डॉक्टर से मारपीट के आरोपी प्रवीण चंदेल के पिता किशोर सिंह चंदेल की ब्रेनहेमरेज से मौत हो गई। यह हादसा बेटे पर की गई पुलिस कार्रवाई के बाद हुआ। बेटे की गिरफ्तारी और कथित पुलिस प्रताड़ना से पिता गहरे सदमे में थे, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई। पहले उन्हें राजनांदगांव और फिर रायपुर में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, लेकिन उनकी हालत नहीं सुधरी और रविवार को उनकी मौत हो गई।

मौत की खबर के बाद परिजनों ने गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद के साथ मिलकर अर्जुंदा थाने के सामने शव को रखकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रवीण चंदेल को झूठे मामले में फंसाया गया है और पुलिस द्वारा की गई मारपीट और प्रताड़ना के कारण किशोर सिंह को ब्रेनहेमरेज हुआ, जिससे उनकी जान चली गई।

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शराब के नशे में किया था हमला

घटना की शुरुआत 15 सितंबर 2024 की रात हुई थी, जब अर्जुंदा के शासकीय अस्पताल में डॉ. लेखराम कोसरे पर सुर्यकांत शर्मा, प्रवीण चंदेल और सन्नी तिवारी ने शराब के नशे में हमला किया था। आरोपियों ने डॉक्टर और ड्रेसर के साथ गाली-गलौज और मारपीट की थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर प्रवीण चंदेल को जेल भेज दिया था।

इस घटना के बाद, प्रवीण चंदेल के पिता, किशोर सिंह चंदेल, इस कार्रवाई से बेहद परेशान हो गए थे। बेटे की गिरफ्तारी और उस पर हुए अत्याचार से वो गहरे तनाव में आ गए। पुलिस कार्रवाई से आहत होकर उन्हें ब्रेनहेमरेज हो गया, जिसके बाद उनकी स्थिति गंभीर हो गई।naidunia_image

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विधायक और परिजनों का पुलिस पर आरोप

रविवार को किशोर सिंह की मौत के बाद, परिजनों और विधायक कुंवर सिंह निषाद ने अर्जुंदा थाने का घेराव किया। उनका आरोप था कि प्रवीण को झूठे आरोप में फंसाया गया और पुलिस ने उसके साथ मारपीट की, जिसकी वजह से पिता को गहरा सदमा लगा और उनकी मृत्यु हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही एडिशनल एसपी अशोक जोशी और एसडीओपी देवांश राठौर मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत की। इस दौरान तीन पुलिसकर्मियों, एएसआई विश्वजीत मेश्राम, प्रधान आरक्षक वीरेंद्र साहू और आरक्षक पुराणिक साहू को लाइन अटैच कर दिया गया और मामले की जांच के लिए 7 दिनों का समय दिया गया।

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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