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राजा धर्मेंद्र सिंह पर लगे 376 की केस को माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में निराधार मानते हुए दोषमुक्त किया

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विदित हो की राजा धर्मेंद्र सिंह जो की पूर्व मंत्री स्व.राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह जी के दत्तक पुत्र हैं जिनके विरुद्ध सक्ती पुलिस ने दिनांक 9/1/2022 में आवेदिका की झूठी शिकायत पर ‌सक्ती पुलिस द्वारा अपराध पंजीकृत किया गया था। जिसमें सक्ती न्यायालय द्वारा उन्हें 7 वर्ष की कारावास की सजा सुनाई थी। जिसके कारण उन्हें कुछ दिनों के लिए जेल जाना पड़ा था। सक्ती न्यायालय के आदेश से क्षुब्द होकर राजा धर्मेंद्र सिंह माननीय उच्च न्यायालय की शरण में गए। माननीय उच्च न्यायालय ने उक्त मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रत्येक बिंदु एवं तथ्यों को सुनने के पश्चात् निष्कर्ष निकाला जिसमें राजा धर्मेंद्र सिंह को निर्दोष मानते हुए आरोप से दोषमुक्त किया। साथ ही आवेदिका द्वारा सजा को बढ़ाने की अपील को भी खारिज कर दिया। उक्त संबंध में राजा धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि मैंने अपने सारे तथ्य पुलिस एवं न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किय। परंतु पुलिस ने सभी तथ्यों को राजनीतिक दबाव के चलते अनदेखा करते हुए मेरे विरुद्ध झूठा आरोप लगाकर न्यायालय में प्रस्तुत किया। पुलिस के द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर माननीय न्यायालय सक्ती ने मुझे आरोपी मानकर 7 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई जिसके कारण मुझे जेल जाना पड़ा। मैंने माननीय न्यायालय सक्ती के आदेश को माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में अपील दायर की। जिसमें माननीय उच्च न्यायालय से मुझे न्याय मिला। सक्ती न्यायालय के आदेश को निराधार मानते हुए उसे खारिज किया तथा मुझे निर्दोष साबित किया तथा आरोपो से बरी किया। अंततः सच्चाई की जीत हुई।सत्य परेशान हो सकता है किंतु पराजित नहीं। सत्यमेव जयते

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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