Advertisment
जरूरत की खबर

National Cancer Awareness Day 2024: इन तीन कारणों को डॉक्टर्स ने माना कैंसर के लिए जिम्मेदार

S-G-Travels
WhatsApp-Image-2026-06-17-at-4.28.41-PM-300x200
WhatsApp Image 2026-07-05 at 5.05.16 PM

कैंसर एक गंभीर और तेजी से बढ़ता हुआ वैश्विक स्वास्थ्य संकट बन चुका है. दुनियाभर में हर साल लाखों लोगों की मौत कैंसर के कारण होती है, जिनमें से कई प्रकार के कैंसर ऐसे हैं जिन्हें समय रहते रोका जा सकता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए बचपन से ही सावधानियां बरतनी चाहिए और जीवनशैली में बदलाव लाना बेहद जरूरी है. जिन व्यक्तियों के परिवार में पहले से कोई कैंसर का शिकार हो चुका है, उन्हें और भी अधिक सतर्क रहने की सलाह दी जाती है.

भारत में कैंसर की रोकथाम, प्रारंभिक पहचान और उपचार के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 7 नवंबर को राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस मनाया जाता है. यह पहल 2014 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शुरू की गई थी.

इसे भी पढ़ें:  1 सितंबर से बदल रहे ये 8 नियम, जेब पर पड़ेगा असर, हर आदमी के लिए जानना जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कैंसर के बढ़ते मामलों के पीछे हमारी दिनचर्या और खानपान की गलत आदतें जिम्मेदार हैं. अगर इन आदतों में बदलाव किया जाए और लोगों को जागरूक किया जाए तो कैंसर से बचाव संभव हो सकता है. आइए जानते हैं उन प्रमुख कारणों के बारे में जो कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं:

 1. तम्बाकू और शराब का सेवन

धूम्रपान को कैंसर का एक प्रमुख कारण माना जाता है, खासकर फेफड़ों के कैंसर के लिए. तम्बाकू के धुएं में मौजूद कार्सिनोजेन्स कोशिकाओं के डीएनए को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे उत्परिवर्तन और अनियंत्रित कोशिका वृद्धि हो सकती है. इसके परिणामस्वरूप कैंसर विकसित हो सकता है. इसके अलावा, शराब का अत्यधिक या नियमित सेवन भी कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है, खासकर लिवर, एसोफैगल और कोलोरेक्टल कैंसर में.

इसे भी पढ़ें:  बनारस में नहीं होता इन 5 शवों का अंतिम संस्कार, श्मशान से लौटा दी जाती है बॉडी

 2. आहार में गड़बड़ी

कई प्रकार के आहार कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं. खासकर रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट के अधिक सेवन से कोलोरेक्टल कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है, क्योंकि इन मांस में नाइट्रेट और नाइट्राइट जैसे कार्सिनोजेन्स होते हैं, जो आंतों की परत को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसके अलावा, अधिक वसा और चीनी वाले आहार से सूजन बढ़ सकती है, जो कैंसर जैसी बीमारियों का कारण बन सकती है.

 3. शारीरिक निष्क्रियता

शारीरिक रूप से निष्क्रिय रहने से कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है. व्यायाम न करने या शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण शरीर में मोटापा बढ़ सकता है, जो कि कैंसर के कई प्रकारों के जोखिम को बढ़ाता है. अध्ययनों ने साबित किया है कि मोटापा और अधिक वजन कैंसर के खतरे को बढ़ाने वाले प्रमुख कारण हैं.

इसे भी पढ़ें:  पैदल चलने से क्या हाई ब्लड शुगर कम होता है? जानिए डायबिटीज में पैदल चलना कितना फायदेमंद?

कैसे कैंसर के जोखिम को कम किया जा सकता है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हम अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव लाएं और तम्बाकू, शराब, वसा और चीनी से बचें, साथ ही नियमित रूप से व्यायाम करें, तो कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है. इसके साथ ही, स्वस्थ आहार और नियमित स्क्रीनिंग भी कैंसर से बचाव में मददगार साबित हो सकते हैं.

यह लेख चिकित्सा रिपोर्टों और विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है. कैंसर के बारे में जागरूकता फैलाने और बचाव के उपायों को अपनाने से हम इस खतरनाक बीमारी से बच सकते हैं.

mediahousempcg

RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

Related Articles