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जांजगीर-चांपाछत्तीसगढ़

जांजगीर-चांपा: नाग पंचमी आज 750 मीटर ऊंचे दल्हा पहाड़ में लगेगा मेला, सूर्य कुंड में भक्त करेंगे पूजा

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जांजगीर-चांपा। नागपंचमी आज मंगलवार को मनाई जाएगी। इस दिन जगह-जगह सर्प पूजा की जाएगी। गांवों में महिलाएं घर की दीवारों पर गोबर से नाग का चित्र बनाकर पूजा-अर्चना करेंगी।

वहीं कोठार, खेत आदि जगहों पर दूध-लाई रखा जाएगा। नागपंचमी के दिन गांवों में नगमत की परंपरा बहुत पुरानी है। नगमत यानी मंत्र साधना। कई गांवों में लोग इकट्ठे होकर सर्प की पूजा करेंगे। वहीं पर्व के अवसर पर अकलतरा के दल्हा पहाड़ पर मेले का आयोजन होगा। भक्त 750 मीटर की चढ़ाई कर सूर्य कुंड पहुंचेंगे। मंदिर में नारियल चढ़ाकर पूजा-अर्चना की जाएगी। नाग पंचमी के अवसर पर प्रतिवर्ष दल्हा पहाड़ में हजारों की संख्या में दर्शनार्थी पहुंचते हैं। दल्हा पर्वत के नीचे विशाल मेले का आयोजन होता है। नाग पंचमी के अवसर पर प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में कोरबा समेत आसपास के जिलों से हजारों की संख्या में दर्शनार्थी दल्हा पर्वत में पहुंचते हैं।

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दल्हा पहाड़ को लेकर ये है मान्यता इसे सिंदुरगिरि पहाड़ भी कहा जाता है। नागपंचमी के दिन दल्हा पर्वत पर नाग के दर्शन का पौराणिक महत्व है। सिद्ध मुनि आश्रम में शिवलिंग के बगल में नाग देवता की प्रतिमा स्थापित की गई है। सिद्ध मुनि आश्रम में स्थित सूर्य कुंड में दल्हा पहाड़ का पानी वर्ष भर बहता है। पानी पहाड़ की जड़ी बूटियों के बीच से आता है, इसलिए इसे औषधियुक्त पानी माना जाता है।

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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