
जांजगीर-चांपा में युवक ने रची मौत की झूठी कहानी: बीमा राशि के लिए नदी में छलांग का ड्रामा, चार दिन तक SDRF करती रही तलाश
जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ (Pamgarh) थाना क्षेत्र में 19 अगस्त की शाम 7 बजे शिवनाथ नदी पुल के ऊपर से युवक की मोटरसाइकिल चालू हालत में मिली। उसके पास ही मोबाइल फोन भी पड़ा था। लोगों को लगा कि कोई नदी में कूद गया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और SDRF टीम ने गोताखोरों के साथ चार दिनों तक तलाशी अभियान चलाया।
गुम इंसान की पहचान और मामला दर्ज
जांच में पता चला कि यह बाइक तिलक राम श्रीवास की है और उनका 21 वर्षीय बेटा कौशल श्रीवास (Kaushal Shrivas) लापता है। पामगढ़ थाना पुलिस ने गुम इंसान (Missing Person) का मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।
सोशल मीडिया से खुला राज
पुलिस की टीम ने तकनीकी जांच शुरू की और सोशल मीडिया अकाउंट खंगाले। इसी दौरान कौशल ने इंस्टाग्राम (Instagram) पर अपने एक दोस्त को संदेश भेजा कि वह सुरक्षित है। इसके बाद 23 अगस्त की शाम उसने अज्ञात नंबर से अपने भाई को फोन कर जानकारी दी। मोबाइल नंबर ट्रेस कर पुलिस ने बिलासपुर आरपीएफ (RPF) और उसलापुर थाना को अलर्ट किया।
बिलासपुर से बरामद हुआ युवक
पुलिस को सूचना मिली कि युवक तोरवा (Torwa) क्षेत्र में घूम रहा है। परिजनों को लेकर जब पुलिस पहुंची तो वहां कौशल मिल गया। उसे सकुशल बरामद कर थाने लाया गया और पूछताछ शुरू हुई।
बीमा राशि के लिए रची साजिश
पूछताछ में कौशल ने कबूल किया कि उसके पिता पर लाखों रुपए का कर्ज है। उसके पास 40 लाख रुपए का जीवन बीमा (Life Insurance) था। घर की आर्थिक परेशानी दूर करने और बीमा राशि दिलाने के लिए उसने यह योजना बनाई। उसने बाइक और मोबाइल छोड़कर नदी में छलांग का नाटक किया और फरार हो गया।
दिल्ली तक किया सफर, फिर लौटा वापस
घटना वाली रात कौशल पैदल पामगढ़ गया और वहां से बस से बिलासपुर पहुंचा। 20 अगस्त को बिलासपुर रेलवे स्टेशन से छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस (Chhattisgarh Express) पकड़कर दिल्ली-फरीदाबाद (Faridabad) पहुंचा और रात वहीं रुका। 22 अगस्त को वह वापस बिलासपुर लौट आया और 23 अगस्त को पुलिस ने उसे पकड़ लिया।



