
मनमोहन सिंह की अस्थि विसर्जन में नहीं पहुंचा गांधी परिवार: बीजेपी ने बोला हमला, कहा- कांग्रेसी सिर्फ फोटो खिंचाने पहुंचते हैं
पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. कांग्रेस BJP पर पूर्व पीएम का निगमबोध घाट में अंतिम संस्कार करने पर अपमान का आरोप लगा रही है. मनमोहन सिंह के स्मारक को लेकर भी बयानबाजी का दौर जारी है. कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि यह “सस्ते राजनीतिक दांव” लगाने का समय नहीं है. इसके अलावा उन्होंने मनमोहन सिंह की अस्थि विसर्जन में गांधी परिवार के शामिल नहीं होने पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कांग्रेस वाले सिर्फ फोटो खिंचवाने आ जाते हैं, लेकिन डॉ. मनमोहन सिंह के अस्थि विसर्जन के समय कोई नहीं पहुंचा.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर सिर्फ राजनीति कर रही है, जबकि भाजपा की तरफ से पहले ही कहा जा चुका है कि डॉ मनमोहन सिंह का स्मारक बनाने को लेकर कैबिनेट में फैसला लिया जा चुका है और रही बात निगम बोध घाट पर अंतिम संस्कार की तो वहां पर किए गए इंतजाम के ऊपर सवाल उठाकर कांग्रेस सिर्फ राजनीति कर रही है.
केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस बेबुनियाद आरोप लगा रही है. डॉ मनमोहन सिंह का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ है. जो मेमोरियल बनाने की बात कही जा रही है, उसके लिए भी सरकार तैयार हो गई, लेकिन अभी की स्थिति ऐसी थी कि उसमें कुछ दिक्कतें थीं. पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही थी, ऐसे में खुले में अंतिम संस्कार मुमकिन नहीं था.
हरदीप पुरी ने कहा, ‘आज जब डॉ. मनमोहन सिंह की अस्थियों को विसर्जन के लिए ले जाया गया, तो गांधी परिवार से कोई भी मौजूद नहीं था. मैंने उस तस्वीर को ध्यान से देखा, यहां तक कि कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों को भी, मैंने उनमें से किसी को भी नहीं देखा. ये किस सम्मान की बात कर रहे हैं.
कांग्रेस ने एक ही परिवार को दिया महत्व
हरदीप पुरी ने प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के पार्थिव शरीर के साथ व्यवहार को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘नरसिम्हा राव की मृत्यु 23 दिसंबर 2004 को हुई थी,और कांग्रेस पार्टी ने उनके पार्थिव शरीर को एआईसीसी मुख्यालय ले जाने की इजाजत नहीं दी. कांग्रेस पार्टी ने सिर्फ एक परिवार को महत्व दिया है. इसलिए नरसिम्हा राव का स्मारक मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद ही दिल्ली में बन पाया.



