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शराब घोटाला…कवासी सिंडिकेट के प्रमुख थे:ED बोली- हर महीने 2 करोड़ कमीशन, 3800 पन्नों का चालान पेश

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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED ने कवासी लखमा के खिलाफ 3773 पन्नों का चालान पेश किया। चालान में कहा गया है कि पूर्व आबकारी मंत्री लखमा को इस घोटाले की पूरी जानकारी थी। उन्हें हर महीने 2 करोड़ रुपए मिलते थे।

साथ ही कहा गया है कि शराब घोटाले में वे सिंडिकेट के प्रमुख थे और उनसे सिंडिकेट को पूरा सहयोग प्राप्त था। शराब नीति में बदलाव करने में भी लखमा की भूमिका अहम थी। इसके अलावा चालान में शराब दुकान में निरीक्षण करने से पहले आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी से अनुमति लेने का भी जिक्र है। आज रायपुर कोर्ट में लखमा की पेशी है।

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इन्हें बनाया गया आरोपी

ED ने विशेष न्यायाधीश को चालान के संबंध में बताया कि शराब घोटाले में अब तक कुल 21 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इसमें कवासी लखमा, अनवर ढेबर, अनिल टूटेजा, त्रिलोक सिंह ढिल्लन, छत्तीसगढ़ डिस्टलर, वेलकम डिस्टलर, टॉप सिक्योरिटी, ओम सांई ब्रेवरेज, दिशिता वेंचर, नेस्ट जेन पावर, भाटिया वाइन मर्चेंट और सिद्धार्थ सिंघानिया सहित अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।

लखमा की बढ़ सकती है रिमांड

रायपुर कोर्ट में कवासी लखमा की आज पेशी है। सुनवाई के दौरान उनकी फिर से न्यायिक रिमांड बढ़ सकती है। ED ने 28 दिसंबर को पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, उनके बेटे हरीश कवासी के घर छापा मारा था। 15 जनवरी को लखमा को गिरफ्तार किया गया था। 21 जनवरी से लखमा रायपुर की सेंट्रल जेल में बंद हैं।

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लखमा को आबकारी विभाग में हो रही गड़बड़ी की जानकारी थी- ED

इससे पहले ED ने आरोप लगाया था कि पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक कवासी लखमा सिंडिकेट के अहम हिस्सा थे। लखमा के निर्देश पर ही सिंडिकेट काम करता था। इनसे शराब सिंडिकेट को मदद मिलती थी। वहीं शराब नीति बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे छत्तीसगढ़ में FL-10 लाइसेंस की शुरुआत हुई।

वहीं ED का दावा है कि लखमा को आबकारी विभाग में हो रही गड़बड़ियों की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने उसे रोकने के लिए कुछ नहीं किया।

‘कमीशन के पैसे से बेटे का घर बना’

ED के वकील सौरभ पांडेय ने बताया कि, 3 साल शराब घोटाला चला। लखमा को हर महीने 2 करोड़ रुपए मिलते थे। इस दौरान 36 महीने में लखमा को 72 करोड़ रुपए मिले। ये राशि उनके बेटे हरीश कवासी के घर के निर्माण और कांग्रेस भवन सुकमा के निर्माण में लगे।

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ईडी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है। शराब सिंडिकेट के लोगों की जेबों में 2,100 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई भरी गई।

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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