
विवादों के बीच प्रतिमा का अनावरण : कांग्रेस विधायकों और कार्यकर्ताओं ने कर दिया बाबा भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति का अनावरण
जांजगीर–चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले के नैला नगर पालिका क्षेत्र में नव निर्मित बाबा भीम राव अम्बेडकर की प्रतिमा का अनावरण विवादों के बीच संपन्न हुआ। जहां तीनों कांग्रेस विधायक और नगर पालिका अध्यक्ष ने मिल कर लोकार्पण किया। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन को चुनौती देते हुए कहा कि, कानूनी कार्रवाई करना है करें, हम तैयार हैं। वही जिला प्रशासन ने बाबा अम्बेडकर के प्रतिमा अनावरण के लिए नगरीय प्रशासन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा समय निर्धारण नहीं होने के बाद भी लोकार्पित को गलत बताया।
नैला नगर पालिका क्षेत्र के कचहरी चौंक मे एक साल पहले बाबा भीम राव अम्बेडकर की प्रतिमा स्थापना के लिए शासन ने लाखों रूपये की स्वीकृति दी गई थी। संविधान के सामने बाबा साहब का आदम कद प्रतिमा का स्थापना किया गया। लोकार्पण के लिए समय तय किया जाना था, लेकिन नगर पालिका अध्यक्ष भगवान दास गढ़ेवाल ने आमंत्रण कार्ड बनवा कर नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत और सांसद के साथ कांग्रेस के तीनो विधायकों को अतिथि बुलाया था। लेकिन बीजेपी पार्षदों के विरोध के बाद नगर पालिका के सीएमओ ने कार्यक्रम को बिना सूचना के बताते हुए अवैध घोषित किया था। आज डॉ अम्बेडकर की प्रतिमा अनावरण नहीं होने की प्रेस विज्ञप्ति जारी किया था। इसके बाद आज सुबह से कचहरी चौंक मे भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। कांग्रेसी विधायकों के साथ नगर पालिका अध्यक्ष और कांग्रेसी कार्यकर्त्ताओ के साथ अम्बेडकर प्रतिमा स्थल पर पहुंचे। उन्होंने प्रतिमा मे लगे कपड़ा हटा कर लोकार्पित कर दिया।
जिला प्रशासन ने लोकार्पण को बताया अवैध
इस मामले को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष भगवान दास गढ़ेवाल ने कहा कि, बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर की प्रतिमा के अनावरण को लेकर कांग्रेसी पूरी तरह तैयार थे। पुलिस बल के द्वारा पूरे कार्यक्रम पर सिर्फ नजर रखी थीं और किसी तरह रोक टोक नहीं की। इस मामले जिला प्रशासन ने नगरीय प्रशासन विभाग की अनुमति के बिना किए गए लोकार्पण को विधि के विपरीत बताया और पूरे मामले की जानकारी लेने का दावा किया।
मामले पर हमारी नजर- एडिशनल कलेक्टर
वहीं एडिशनल कलेक्टर एसपी वैद्य ने कहा कि, संविधान के निर्माता भारत रत्न डॉ भीम राव अम्बेडकर की प्रतिमा के लोकार्पण मे जिस तरह राजनीती गरमाई है। उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां क्या चल रहा है। कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष का कार्यक्रम से दूरी बनाना और फिर भी कांग्रेसी विधायकों के साथ मिल कर नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा मूर्ति का अनावरण कर अपना दम दिखाने पूरा जोर लगा दिया, अब इसका परिणाम क्या होगा? इस पर सबकी नजर टिकी हुई है।



