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CGPSC के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी अरेस्ट, सीबीआई ने किया गिरफ्तार

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रायपुर: घूसखोरी के आरोप में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी की गिरफ्तारी हुई है. रायपुर से सीबीआई ने टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार किया है. सोनवानी पर एक स्टील कंपनी के निदेशक से 45 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है. इसी केस में सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया है. टामन सिंह सोनवानी पर कंपनी के निदेशक से रिश्वत लेने का आरोप है. स्टील कंपनी के निदेशक के बेटे और बहू को डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयन सुनिश्चित कराने के एवज में सोनवानी पर रिश्वत लेने का आरोप है.

रायपुर से टामन सिंह सोनवानी को किया गिरफ्तार: सीबीआई ने रायपुर में एक्शन लेते हुए सीजीपीएससी के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को अरेस्ट किया है. सीबीआई ने बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के निदेशक श्रवण कुमार गोयल को भी गिरफ्तार किया है. उनके ऊपर कथित तौर पर ग्रामीण विकास समिति के माध्यम से रिश्वत देने का आरोप है. सीबीआई की जांच में यह भी कहा गया है कि इस समिति में सोनवानी के रिश्तेदार भी थे. समिति में 20 लाख और 25 लाख रुपये की दो किस्तों में यह रिश्वत दी गई.

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सीबीआई ने कब किया था केस दर्ज?: इस साल सीबीआई ने जुलाई में सोनवानी और अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया था. टामन सोनवानी पर कथित तौर पर सीजीपीएससी की परीक्षा में भाई भतीजावाद करने का आरोप लगा था. जिस पर केस दर्ज किया गया था. इस केस में कांग्रेस शासन के दौरान राजनेताओं, पीएससी अधिकारियों और लोक सेवकों के “अयोग्य” परिवार के सदस्यों को आकर्षक सरकारी नौकरियों में भर्ती देने का आरोप था.

सीजीपीएससी की परीक्षाओं में हेराफेरी के आरोप: आरोप है कि 2022 सीजीपीएससी परीक्षा में हेराफेरी हुई, जिसके परिणाम 11 मई 2023 को घोषित किए गए. सीजीपीएससी के पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव और एक परीक्षा नियंत्रक पर अपने बेटों, बेटियों, रिश्तेदारों और परिचितों को डिप्टी कलेक्टर, डिप्टी एसपी जैसे पद पर भर्ती सुनिश्चित करने का आरोप है. आरोप में यह भी उल्लेख है कि परीक्षा में अच्छे अंक पाने वाले उम्मीदवार पीएससी अधिकारियों, सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं के रिश्तेदार हैं. इससे पता चलता है कि उम्मीदवारों को पहले से ही परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराया गया था, जिससे उन्हें अच्छे अंक मिले और परिणामों में अच्छी रैंक मिली.

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विधानसभा चुनाव में उछला था सीजीपीएससी घोटाला: विधानसभा चुनाव में सीजीपीएससी घोटाले का मुद्दा काफी उछला था. बीजेपी ने अपने चुनावी वादों में यह वादा भी किया था कि जब प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनेगी तो सीजीपीएससी घोटाले की जांच होगी. राज्य में बीजेपी सरकार बनने के बाद CGPSC घोटाले की जांच सीबीआई को दी गई. जिसके बाद से इस केस में लगातार जांच हो रही थी. सोमवार 18 नवंबर 2024 को सीबीआई ने टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार किया है.

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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