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	<title>रायपुर &#8211; MEDIA HOUSE MPCG</title>
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		<title>रायपुर का नकटी गांव: जब विकास की राह किसी के आशियाने से होकर गुजरे, तब लोकतंत्र सबसे कठिन परीक्षा में होता है</title>
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		<dc:creator><![CDATA[mediahousempcg]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 02 Jul 2026 04:39:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[MEDIA HOUSE EXCLUSIVE]]></category>
		<category><![CDATA[छत्तीसगढ़]]></category>
		<category><![CDATA[रायपुर]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>विशेष रिपोर्ट &#124; Media House MPCG 🟡 प्रस्तावना राष्ट्र और राज्य का विकास केवल ऊँची इमारतों, आधुनिक परियोजनाओं और विशाल परिसरों से नहीं मापा जाता; उसकी वास्तविक पहचान इस बात से होती है कि विकास की प्रक्रिया में सबसे कमजोर नागरिक के सम्मान, अधिकार और जीवन की रक्षा किस सीमा तक सुनिश्चित की जाती है। &#8230;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>विशेष रिपोर्ट | Media House MPCG<br />
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f7e1.png" alt="🟡" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> प्रस्तावना<br />
राष्ट्र और राज्य का विकास केवल ऊँची इमारतों, आधुनिक परियोजनाओं और विशाल परिसरों से नहीं मापा जाता; उसकी वास्तविक पहचान इस बात से होती है कि विकास की प्रक्रिया में सबसे कमजोर नागरिक के सम्मान, अधिकार और जीवन की रक्षा किस सीमा तक सुनिश्चित की जाती है।<br />
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के माना क्षेत्र स्थित नकटी गांव में विधायक आवास परियोजना के लिए हुई प्रशासनिक कार्रवाई ने पूरे प्रदेश में एक व्यापक बहस को जन्म दिया है। सरकारी पक्ष इसे सार्वजनिक उद्देश्य के लिए भूमि उपलब्ध कराने की वैधानिक प्रक्रिया बता रहा है, जबकि प्रभावित परिवारों का कहना है कि वर्षों से बसे उनके आशियाने उजड़ गए और उनके जीवन की स्थिरता पर गहरा प्रभाव पड़ा। यही द्वंद्व इस घटना को सामान्य प्रशासनिक कार्रवाई से आगे बढ़ाकर लोकतांत्रिक विमर्श का विषय बना देता है।<br />
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f535.png" alt="🔵" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> क्या है पूरा मामला?<br />
उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार नकटी गांव में सरकारी भूमि पर प्रस्तावित विधायक आवास परियोजना के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई विधिक प्रक्रिया के अनुरूप थी और पुनर्वास की व्यवस्था भी की जा रही है। दूसरी ओर प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे लंबे समय से यहाँ रह रहे थे और कुछ को पूर्व में सरकारी आवास योजनाओं का लाभ भी मिला था। यही प्रश्न आज सार्वजनिक चर्चा का केंद्र है—यदि निवास अवैध था, तो पूर्व में योजनाओं का लाभ कैसे मिला, और यदि वैधता विवादित थी, तो पुनर्वास कितना पर्याप्त है?<br />
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f7e2.png" alt="🟢" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> विकास का प्रश्न बनाम मानवीय गरिमा<br />
किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में विकास आवश्यक है। सड़कें, विद्यालय, अस्पताल, सरकारी संस्थान और सार्वजनिक भवन समाज की प्रगति के प्रतीक हैं। किंतु विकास की सफलता का मूल्यांकन केवल निर्माण से नहीं, बल्कि इस बात से भी किया जाता है कि उससे प्रभावित लोगों के सम्मान और जीवन की सुरक्षा किस प्रकार सुनिश्चित की गई।<br />
यदि कोई परिवार वर्षों से किसी स्थान पर रह रहा है, तो विधिक स्थिति चाहे जो हो, पुनर्वास की गुणवत्ता और संवाद की प्रक्रिया सार्वजनिक विश्वास का आधार बन जाती है।<br />
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f7e3.png" alt="🟣" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> राजनीतिक प्रभाव: निर्णय से अधिक महत्वपूर्ण उसकी सामाजिक स्वीकृति<br />
ऐसी घटनाएँ केवल प्रशासनिक नहीं रहतीं; वे राजनीतिक और सामाजिक विमर्श का हिस्सा बन जाती हैं। सत्ता पक्ष के लिए चुनौती यह होती है कि वह यह विश्वास दिलाए कि विकास किसी वर्ग के विरुद्ध नहीं, बल्कि पूरे समाज के हित में है। विपक्ष ऐसे मामलों को जनभावनाओं से जोड़कर सरकार की जवाबदेही पर प्रश्न उठाता है।<br />
अंततः जनता का निर्णय इस बात पर निर्भर करता है कि उसे निर्णय में न्याय, पारदर्शिता और संवेदनशीलता दिखाई देती है या नहीं।<br />
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f7e0.png" alt="🟠" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> मीडिया और सोशल मीडिया की बदलती भूमिका<br />
इस घटना ने यह भी दिखाया कि डिजिटल युग में स्थानीय घटनाएँ कुछ ही घंटों में व्यापक चर्चा का विषय बन सकती हैं। पारंपरिक मीडिया, क्षेत्रीय पत्रकार, स्वतंत्र विश्लेषक और सोशल मीडिया—सभी अपने-अपने दृष्टिकोण से घटनाओं को प्रस्तुत करते हैं। ऐसे समय में तथ्यपरक और संतुलित पत्रकारिता का महत्व और बढ़ जाता है।<br />
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f537.png" alt="🔷" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती<br />
किसी भी प्रशासनिक कार्रवाई की सफलता केवल भूमि खाली कराने से नहीं मापी जाती। वास्तविक सफलता तब होती है जब प्रभावित नागरिक यह महसूस करें कि उनके साथ न्यायपूर्ण व्यवहार हुआ, उन्हें सुना गया और उनके भविष्य की चिंता की गई।<br />
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/2696.png" alt="⚖" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> लोकतंत्र की सबसे बड़ी कसौटी<br />
लोकतंत्र में सरकारें जनता द्वारा चुनी जाती हैं। इसलिए प्रत्येक निर्णय के साथ यह अपेक्षा जुड़ी रहती है कि कानून का पालन करते हुए मानवीय संवेदनाओं का भी सम्मान किया जाएगा। यदि विकास और संवेदनशीलता साथ-साथ चलें, तो विश्वास मजबूत होता है; यदि दोनों के बीच दूरी बढ़े, तो सामाजिक असंतोष जन्म ले सकता है।<br />
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f3db.png" alt="🏛" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> संपादकीय निष्कर्ष<br />
नकटी गांव का प्रकरण केवल एक गांव की कहानी नहीं है। यह उस प्रश्न का प्रतीक है जिसका उत्तर भारत के प्रत्येक राज्य को देना होगा—<br />
क्या विकास की गति और मानवीय गरिमा साथ-साथ चल सकती है?<br />
यदि उत्तर &#8220;हाँ&#8221; है, तो प्रत्येक परियोजना में तीन सिद्धांत सर्वोपरि होने चाहिए—<br />
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/2696.png" alt="⚖" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> विधिक वैधता<br />
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f91d.png" alt="🤝" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> मानवीय पुनर्वास<br />
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f4d6.png" alt="📖" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> पारदर्शी संवाद<br />
इन्हीं तीन स्तंभों पर लोकतंत्र का विश्वास टिका रहता है।<br />
(यह विशेष विश्लेषण उपलब्ध सार्वजनिक सूचनाओं, प्रशासनिक पक्ष, प्रभावित नागरिकों के दावों और लोकतांत्रिक सिद्धांतों के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल, सरकार या व्यक्ति का समर्थन अथवा विरोध नहीं, बल्कि सार्वजनिक महत्व के विषय का निष्पक्ष विश्लेषण प्रस्तुत करना है।)</p>
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]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>BREAKING NEWS &#124; सुशासन तिहार 2026 का बड़ा खुलासा: 6 लाख शिकायतों में 2 लाख से अधिक अब भी लंबित, क्या जनता को मिला सुशासन या केवल आश्वासन?</title>
		<link>https://www.mediahousempcg.com/breaking-news-good-governance-big-disclosure-of-tihar-2026-out-of-6-lakh-complaints-more-than-2-lakh-are-still-pending-did-the-public-get-good-governance-or-only-assurance/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[mediahousempcg]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 Jun 2026 12:00:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[रायपुर]]></category>
		<category><![CDATA[छत्तीसगढ़]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.mediahousempcg.com/?p=25472</guid>

					<description><![CDATA[<p>रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बड़े पैमाने पर आयोजित &#8220;सुशासन तिहार 2026&#8221; को जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान का अभियान बताया गया था। लेकिन अब सामने आए जिला-वार आधिकारिक आंकड़ों ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार राज्यभर में कुल 6,03,746 आवेदन एवं शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 4,03,520 प्रकरणों &#8230;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर।</strong> छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बड़े पैमाने पर आयोजित &#8220;सुशासन तिहार 2026&#8221; को जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान का अभियान बताया गया था। लेकिन अब सामने आए जिला-वार आधिकारिक आंकड़ों ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>
<p>उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार राज्यभर में कुल 6,03,746 आवेदन एवं शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 4,03,520 प्रकरणों का निराकरण दर्ज किया गया, जबकि चौंकाने वाली बात यह है कि 2,00,226 शिकायतें अब भी लंबित हैं।</p>
<p>अर्थात् हर तीन शिकायतों में लगभग एक शिकायत अब भी समाधान की प्रतीक्षा में है।</p>
<p>&#8212;</p>
<p><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f525.png" alt="🔥" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> किन जिलों में सबसे अधिक लंबित शिकायतें?</p>
<p>जिला-वार आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि कई बड़े जिलों में लंबित मामलों की संख्या हजारों में पहुंच चुकी है।</p>
<p><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f534.png" alt="🔴" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> रायपुर</p>
<p>&#8211; कुल आवेदन: 24,653<br />
&#8211; निराकृत: 10,518<br />
&#8211; लंबित: 14,135</p>
<p>राजधानी रायपुर राज्य का प्रशासनिक मुख्यालय होने के बावजूद लंबित मामलों में शीर्ष जिलों में शामिल दिखाई देता है।</p>
<p><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f534.png" alt="🔴" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> दुर्ग</p>
<p>&#8211; कुल आवेदन: 19,596<br />
&#8211; निराकृत: 10,964<br />
&#8211; लंबित: 9,000</p>
<p><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f534.png" alt="🔴" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> बिलासपुर</p>
<p>&#8211; कुल आवेदन: 17,344<br />
&#8211; निराकृत: 10,394<br />
&#8211; लंबित: 8,504</p>
<p><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f534.png" alt="🔴" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> रायगढ़</p>
<p>&#8211; कुल आवेदन: 23,797<br />
&#8211; निराकृत: 12,797<br />
&#8211; लंबित: 11,179</p>
<p><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f534.png" alt="🔴" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> जांजगीर-चांपा</p>
<p>&#8211; कुल आवेदन: 21,099<br />
&#8211; निराकृत: 14,508<br />
&#8211; लंबित: 6,590</p>
<p>जांजगीर-चांपा जिला राज्य के उन प्रमुख जिलों में शामिल है जहां शिकायतों की संख्या अत्यधिक रही। हालांकि निराकरण का प्रतिशत कई अन्य जिलों से बेहतर दिखाई देता है, फिर भी हजारों आवेदन अब भी लंबित हैं।</p>
<p>&#8212;</p>
<p><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/26a0.png" alt="⚠" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> 14 हजार से अधिक लंबित शिकायतों वाला रायपुर</p>
<p>राजधानी रायपुर में अकेले 14 हजार से अधिक मामलों का लंबित रहना यह संकेत देता है कि शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया अभी भी अपेक्षित गति से नहीं चल रही है।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राज्य की राजधानी में ही इतनी बड़ी संख्या में आवेदन लंबित हैं, तो दूरस्थ जिलों की स्थिति का अनुमान सहज लगाया जा सकता है।</p>
<p>&#8212;</p>
<p><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f7e0.png" alt="🟠" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> क्या &#8220;निराकृत&#8221; का अर्थ वास्तव में समाधान है?</p>
<p>प्रशासनिक विश्लेषकों का कहना है कि केवल फाइल बंद कर देना और वास्तविक समाधान प्रदान करना दोनों अलग-अलग बातें हैं।</p>
<p>सबसे बड़ा प्रश्न यह है—</p>
<p><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/2714.png" alt="✔" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> क्या निराकृत दर्शाए गए सभी मामलों में आवेदक संतुष्ट हैं?</p>
<p><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/2714.png" alt="✔" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> क्या शिकायतों का भौतिक सत्यापन किया गया?</p>
<p><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/2714.png" alt="✔" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> क्या विभागों ने केवल पोर्टल पर प्रकरण बंद किए या वास्तविक समाधान भी दिया?</p>
<p><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/2714.png" alt="✔" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> क्या लंबित मामलों की समय-सीमा तय की गई है?</p>
<p>&#8212;</p>
<p><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f535.png" alt="🔵" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> आंकड़े बता रहे हैं जनता की वास्तविक परेशानी</p>
<p>6 लाख से अधिक शिकायतें यह दर्शाती हैं कि जनता आज भी राजस्व, पंचायत, आवास, पेयजल, सामाजिक सुरक्षा, बिजली, भूमि विवाद, प्रमाण पत्र, पेंशन तथा विभिन्न शासकीय सेवाओं से संबंधित समस्याओं का सामना कर रही है।</p>
<p>यदि शासन की व्यवस्थाएं पूरी तरह प्रभावी होतीं तो इतनी बड़ी संख्या में शिकायतें सामने नहीं आतीं।</p>
<p>&#8212;</p>
<p><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f7e3.png" alt="🟣" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> क्या विभागवार समीक्षा होगी?</p>
<p>लोक प्रशासन विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य शासन को निम्न बिंदुओं पर विशेष समीक्षा करनी चाहिए—</p>
<p>● किन विभागों के खिलाफ सबसे अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं?</p>
<p>● किन जिलों में सबसे अधिक लंबित मामले हैं?</p>
<p>● किन अधिकारियों के क्षेत्राधिकार में शिकायतों का निराकरण धीमा रहा?</p>
<p>● क्या लंबित मामलों के लिए व्यक्तिगत जवाबदेही तय की गई है?</p>
<p>● क्या निराकृत मामलों का थर्ड पार्टी ऑडिट होगा?</p>
<p>&#8212;</p>
<p><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f525.png" alt="🔥" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> सुशासन तिहार के आंकड़ों ने खोल दी प्रशासनिक व्यवस्था की असली तस्वीर?</p>
<p>राज्य सरकार ने सुशासन तिहार को जनता और प्रशासन के बीच संवाद का माध्यम बताया था। लेकिन जब 2 लाख से अधिक शिकायतें लंबित दिखाई देती हैं, तो यह सवाल स्वाभाविक रूप से उठता है कि क्या जनता को वास्तव में सुशासन मिला या फिर शिकायतें केवल अभिलेखों में दर्ज होकर रह गईं?</p>
<p>जनता अब यह जानना चाहती है कि जिन समस्याओं को लेकर उसने शासन के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किए, उनका वास्तविक समाधान कब होगा।</p>
<p>&#8212;</p>
<p><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f4cc.png" alt="📌" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> <strong>मीडिया हाउस MPCG का विश्लेषण</strong></p>
<p>यह केवल आंकड़ों की रिपोर्ट नहीं है। यह राज्य की प्रशासनिक जवाबदेही, शिकायत निवारण प्रणाली और जनविश्वास की परीक्षा है।</p>
<p>6,03,746 आवेदन इस बात का संकेत हैं कि जनता ने शासन पर भरोसा कर अपनी समस्याएं रखीं।</p>
<p>लेकिन 2,00,226 लंबित शिकायतें यह भी बता रही हैं कि अभी लाखों लोगों की उम्मीदें अधूरी हैं।</p>
<p>अब आवश्यकता केवल आंकड़े जारी करने की नहीं, बल्कि प्रत्येक लंबित प्रकरण की समयबद्ध समीक्षा, जिम्मेदारी निर्धारण और वास्तविक समाधान सुनिश्चित करने की है।</p>
<p>छत्तीसगढ़ की जनता अब जवाब चाहती है— शिकायत दर्ज हो गई, लेकिन समाधान कब मिलेगा?</p>
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]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>राजधानी में ठगों ने RTO एजेंट को किया डिजिटल अरेस्ट, मुंबई ATS बनकर लूटे 17.15 लाख</title>
		<link>https://www.mediahousempcg.com/in-the-capital-thugs-made-digital-arrest-of-rto-agent-and-looted-rs-17-15-lakh-by-posing-as-mumbai-ats/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[mediahousempcg]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 18 Feb 2026 12:22:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[छत्तीसगढ़]]></category>
		<category><![CDATA[रायपुर]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.mediahousempcg.com/?p=25407</guid>

					<description><![CDATA[<p>रायपुर। राजधानी रायपुर में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर ‘डिजिटल अरेस्ट’ का झांसा देकर बड़ी ठगी को अंजाम दिया है. आरोपियों ने खुद को मुंबई एटीएस का अधिकारी बताकर टिकरापारा निवासी एक RTO एजेंट और उसके पूरे परिवार को 24 घंटे तक वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट में रखा और 17 लाख 15 हजार रुपए &#8230;</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.mediahousempcg.com/in-the-capital-thugs-made-digital-arrest-of-rto-agent-and-looted-rs-17-15-lakh-by-posing-as-mumbai-ats/">राजधानी में ठगों ने RTO एजेंट को किया डिजिटल अरेस्ट, मुंबई ATS बनकर लूटे 17.15 लाख</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.mediahousempcg.com">MEDIA HOUSE MPCG</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर। </strong>राजधानी रायपुर में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर ‘डिजिटल अरेस्ट’ का झांसा देकर बड़ी ठगी को अंजाम दिया है. आरोपियों ने खुद को मुंबई एटीएस का अधिकारी बताकर टिकरापारा निवासी एक RTO एजेंट और उसके पूरे परिवार को 24 घंटे तक वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट में रखा और 17 लाख 15 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए. पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.</p>
<div id="lalluram309416259" class="lalluramjust-baat-body-code">
<div id="JBM_ARTICLE_inline-p1">
<p><strong>ऐसे दिया वारदात को अंजाम</strong></p>
<p>जानकारी के अनुसार, RTO एजेंट शरद कुमार तिवारी को अज्ञात नंबर से कॉल आया. कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई एटीएस का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके आधार और बैंक खाते का उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर अपराध में हुआ है. गिरफ्तारी से बचने और जांच में सहयोग करने के नाम पर उन्हें वीडियो कॉल पर रहने के निर्देश दिए गए.</p>
<p>आरोपियों ने पीड़ित को डराते हुए कहा कि यदि उन्होंने सहयोग नहीं किया तो उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर लिया जाएगा. इसके बाद उन्हें और उनके परिवार को 24 घंटे तक डिजिटल निगरानी में रखा गया. इस दौरान बैंक खातों की जानकारी लेकर अलग-अलग किस्तों में कुल 17 लाख 15 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए गए.</p>
<p><strong>परिवार को भी रखा दबाव में</strong></p>
<p>साइबर ठगों ने परिवार के सदस्यों को भी वीडियो कॉल पर शामिल कर मानसिक दबाव बनाया. किसी को फोन न करने और घर से बाहर न निकलने की चेतावनी दी गई. लगातार निगरानी और धमकी के चलते परिवार पूरी तरह सहम गया और आरोपियों के निर्देशों का पालन करता रहा.</p>
<p><strong>शिकायत के बाद मामला दर्ज</strong></p>
<p>जब ठगी का अहसास हुआ तो शरद कुमार तिवारी ने टिकरापारा थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है. बैंक खातों और कॉल डिटेल के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है.</p>
<p><strong>पुलिस की अपील</strong></p>
<p>पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल पर खुद को पुलिस, सीबीआई, एटीएस या किसी केंद्रीय एजेंसी का अधिकारी बताने वाले व्यक्तियों से सावधान रहें. किसी भी जांच एजेंसी द्वारा फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं किया जाता और न ही बैंक खातों की जानकारी मांगी जाती है. किसी भी संदिग्ध कॉल की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने में दें.</p>
</div>
</div>
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		<title>मुंगेली की सुप्रिया सिंह बनी लेफ्टिनेंट, मुख्यमंत्री साय ने किया सम्मानित, राज्य का नाम रोशन करने पर दी बधाई एवं शुभकामनाएं</title>
		<link>https://www.mediahousempcg.com/mungelis-supriya-singh-becomes-lieutenant-chief-minister-sai-congratulates-and-best-wishes-for-bringing-glory-to-the-honored-state/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[mediahousempcg]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 18 Feb 2026 12:18:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[छत्तीसगढ़]]></category>
		<category><![CDATA[रायपुर]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन स्थित अपने कार्यालय में सीडीएस परीक्षा में ऑल इंडिया चौथा रैंक प्राप्त करने वाली मुंगेली की सुसुप्रिया को सम्मानित किया. उन्होंने सुप्रिया और उनके परिजनों को पुष्पगुच्छ भेंटकर बधाई एवं शुभकामनाएं दी और मुँह मीठा कराया. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुप्रिया की सफलता यह संदेश देती &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर।</strong> मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन स्थित अपने कार्यालय में सीडीएस परीक्षा में ऑल इंडिया चौथा रैंक प्राप्त करने वाली मुंगेली की सुसुप्रिया को सम्मानित किया. उन्होंने सुप्रिया और उनके परिजनों को पुष्पगुच्छ भेंटकर बधाई एवं शुभकामनाएं दी और मुँह मीठा कराया.</p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुप्रिया की सफलता यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास ईमानदार हों, तो साधारण पृष्ठभूमि से आने वाला युवा भी असाधारण उपलब्धि हासिल कर सकता है. उन्होंने कहा कि सुप्रिया का अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण राज्य के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं को सुप्रिया से प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य पाने की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए. इस अवसर पर मुंगेली कलेक्टर कुन्दन कुमार भी उपस्थित रहे.</p>
<p>उल्लेखनीय है कि जिले के ग्राम टेढ़ाधौंरा की 23 वर्षीय सुप्रिया ठाकुर ने सीडीएस परीक्षा में ऑल इंडिया चौथी रैंक प्राप्त कर मुंगेली जिला सहित राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है. अपनी प्रतिभा, अनुशासन और देशसेवा के अटूट संकल्प के बल पर वे भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर चयनित हुई हैं. इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर उन्हें मुख्यमंत्री ने शुभकामनाएं दी है.</p>
<h2 class="wp-block-heading">साधारण परिवेश से असाधारण उपलब्धि तक</h2>
<p>ग्राम टेढ़ाधौंरा निवासी सुप्रिया सिंह श्रीनेत एक किसान परिवार से आती हैं. उनकी माता संतोषी सिंह श्रीनेत और पिता वैदेही शरण सिंह, जो पेशे से किसान हैं, ने सदैव उन्हें शिक्षा और संस्कारों का मजबूत आधार दिया. परिवार के स्नेहिल और अनुशासित वातावरण में पली-बढ़ी सुप्रिया ने प्रारंभिक शिक्षा सेंट जोसेफ हायर सेकेंडरी स्कूल से प्राप्त की. उन्होंने कक्षा 10वीं में 71 प्रतिशत और 12वीं में 58 प्रतिशत अंक अर्जित किए. इसके बाद उन्होंने बी.टेक (इलेक्ट्रॉनिक एंड टेलीकम्युनिकेशन) में स्नातक की डिग्री हासिल की. इंजीनियरिंग अध्ययन के दौरान ही उन्होंने एनसीसी को अपनाया और अपने नेतृत्व कौशल के बल पर जूनियर अंडर ऑफिसर के पद तक पहुंचीं. एनसीसी के प्रशिक्षण ने उनके भीतर अनुशासन, साहस और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ किया. यहीं से भारतीय सेना में अधिकारी बनने का उनका संकल्प आकार लेने लगा.</p>
<h2 class="wp-block-heading">दृढ़ संकल्प और अथक परिश्रम का परिणाम</h2>
<p>वर्ष 2023 में इंजीनियरिंग पूर्ण करने के बाद सुप्रिया ने पूरी एकाग्रता के साथ सीडीएस परीक्षा की तैयारी प्रारंभ की. कठोर परिश्रम, नियमित अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने शॉर्ट सर्विस कमिशन के अंतर्गत आयोजित एसएसबी साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया चौथी रैंक हासिल की. उनकी यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि ग्रामीण अंचल की बेटियों के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोलने वाली प्रेरक कहानी है. शैक्षणिक और सैन्य उपलब्धियों के साथ-साथ सुप्रिया सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय रही हैं. नृत्य उनकी प्रमुख रुचि है, जो उनके व्यक्तित्व को ऊर्जा और आत्मविश्वास प्रदान करता है. सुप्रिया सिंह श्रीनेत की यह सफलता न केवल मुंगेली, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है.</p>
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		<title>डिप्टी कलेक्टर करुण डहरिया निलंबित, ग्रामीण की हत्या मामले में गिरफ्तारी के बाद लिया गया एक्शन</title>
		<link>https://www.mediahousempcg.com/deputy-collector-karun-dahria-suspended-action-taken-after-arrest-in-murder-case-of-villager/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[mediahousempcg]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 18 Feb 2026 12:16:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[रायपुर]]></category>
		<category><![CDATA[छत्तीसगढ़]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>रायपुर। साय सरकार ने आदिवासी किसान की पिटाई से मौत के मामले में सख्ती दिखाते हुए आरोपी एसडीएम करुण डहरिया को निलंबित कर दिया है. मामले में पहले ही एसडीएम को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. निलंबन की अवधि में करुण डहरिया मुख्यालय सरगुजा संभाग आयुक्त कार्यालय, अंबिकापुर निर्धारित किया गया है. जानकारी के &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर।</strong> साय सरकार ने आदिवासी किसान की पिटाई से मौत के मामले में सख्ती दिखाते हुए आरोपी एसडीएम करुण डहरिया को निलंबित कर दिया है. मामले में पहले ही एसडीएम को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. निलंबन की अवधि में करुण डहरिया मुख्यालय सरगुजा संभाग आयुक्त कार्यालय, अंबिकापुर निर्धारित किया गया है.</p>
<div id="lalluram1182300695" class="lalluramjust-baat-body-code">
<div id="JBM_ARTICLE_inline-p1"></div>
</div>
<p>जानकारी के अनुसार, 15-16 फरवरी की दरमियानी रात को बलरामपुर–रामानुजगंज जिले के कुसमी ब्लॉक में हंसपुर गांव में बॉक्साइट के अवैध खनन की जांच करने के लिए कुसमी एसडीएम करुण डहरिया गए हुए थे. आरोप है कि वह प्राइवेट गाड़ी में प्राइवेट लोगों को लेकर पहुंचे हुए थे. सरना के पास तीन ग्रामीणों को एसडीएम और उनके साथ गए प्राइवेट लोगों ने रोका एवं पूछा कि कहां से आ रहे हो.</p>
<p>इसके बाद अवैध उत्खनन का आरोप लगा रॉड, डंडे और लात–घूंसों से पिटाई कर दी. ग्रामीणों को बेहोश होने तक के पीटा गया. मारपीट में घायल ग्रामीणों को कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान 62 वर्षीय ग्रामीण रामनरेश राम की मौत हो गई. वहीं 60 वर्षीय अजीत उरांव और 20 वर्षीय आकाश अगरिया गंभीर रूप से घायल हो गए थे.</p>
<p>मामले में घायल ग्रामीण आकाश अगरिया एवं अजीत उरांव ने बताया कि वे गेहूं के खेत में पानी की सिंचाई करने गए हुए थे. लौटने के दौरान बिना किसी पूछताछ या जांच अवैध खनन का आरोप लगा उनकी पिटाई की गई.</p>
<p>घायल ग्रामीणों के बयान के आधार पर कुसमी एसडीएम करुण डहरिया और उनके साथ गए उनके बाहरी साथी विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह, मंजिल कुमार यादव व सुदीप यादव के खिलाफ राजपुर थाने में धारा 103, 115 (2), 3 (5) के तहत मामला दर्ज करने के बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था.</p>
<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-large"><img decoding="async" class="wp-image-2192601" src="https://lalluram.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Image-2026-02-18-at-4.30.08-PM-682x1024.jpeg" sizes="(max-width: 682px) 100vw, 682px" srcset="https://lalluram.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Image-2026-02-18-at-4.30.08-PM-682x1024.jpeg 682w, https://lalluram.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Image-2026-02-18-at-4.30.08-PM-200x300.jpeg 200w, https://lalluram.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Image-2026-02-18-at-4.30.08-PM-768x1153.jpeg 768w, https://lalluram.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Image-2026-02-18-at-4.30.08-PM-1023x1536.jpeg 1023w, https://lalluram.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Image-2026-02-18-at-4.30.08-PM-150x225.jpeg 150w, https://lalluram.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Image-2026-02-18-at-4.30.08-PM.jpeg 1066w" alt="" width="682" height="1024" /></figure>
</div>
<h3 class="wp-block-heading">विवादित रहें हैं एसडीएम करुण डहरिया</h3>
<p>एसडीएम करुण डहरिया पूर्व में भी विवादों में घिरते रहे हैं. जांजगीर जिले के चांपा में पदस्थापना के दौरान उन्होंने एक छात्र को तमाचा मार दिया था जिसके बाद छात्रों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया था. प्रशिक्षण के दौरान गरियाबंद जनपद सीईओ रहने के दौरान नवंबर 2022 में उन्हें नलकूप खनन का बिल पास करने बीस हजार रुपये रिश्वत लेते एसीबी ने भी गिरफ्तार किया था.</p>
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		<item>
		<title>राजधानी में उठाईगिरी : रजिस्ट्र्री कराने आए अफसर की कार से 38 लाख पार, जांच में जुटी पुलिस</title>
		<link>https://www.mediahousempcg.com/police-engaged-in-investigation-rs-38-lakhs-found-in-car-of-officer-who-came-to-register-theft-in-the-capital/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[mediahousempcg]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 05:40:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[रायपुर]]></category>
		<category><![CDATA[छत्तीसगढ़]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>रायपुर. राजधानी रायपुर में जमीन रजिस्ट्री कराने आए अफसर की गाड़ी से 38 लाख रुपए पार हो गए. उठाईगिरी करने के आरोप में क्राइम ब्रांच की टीम अफसर के परिचित सहित अन्य चार को हिरासत में लेकर पड़ताल करने के बाद क्राइम ब्रांच ने बरामद की रकम पूछताछ कर रही है. पुलिस ने चोरी की रकम बरामद कर ली है. घटना सिविल लाइंस &#8230;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong>. राजधानी रायपुर में जमीन रजिस्ट्री कराने आए अफसर की गाड़ी से 38 लाख रुपए पार हो गए. उठाईगिरी करने के आरोप में क्राइम ब्रांच की टीम अफसर के परिचित सहित अन्य चार को हिरासत में लेकर पड़ताल करने के बाद क्राइम ब्रांच ने बरामद की रकम पूछताछ कर रही है. पुलिस ने चोरी की रकम बरामद कर ली है. घटना सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के ऑक्सीजोन की है.</p>
<p>मंदिर हसौद निवासी एफसीआई के अफसर ज्ञानप्रकाश पाण्डेय जमीन रजिस्ट्री कराने सोमवार को कलेक्टोरेट स्थित रजिस्ट्री कार्यालय कार से पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि कार की सीट पर पैसे रखकर वे किसी के आने का इंतजार कर रहे थे. इस दौरान अज्ञात चोर ने कार की सीट से नोटों से भरा बैग पार कर दिया. रकम गायब देख ग्रामीण शिकायत करने थाने पहुंचा. उठाईगिरी की जानकारी मिलने के बाद क्राइम ब्रांच की टीम गठित कर चोर के बारे में पतासाजी करने जुट गई.</p>
<h2 class="wp-block-heading">रखवाली करने वाले की बिगड़ी नियत!</h2>
<p>सीसीटीवी कैमरे की पड़ताल करने के बाद पुलिस ने चार संदिग्धों को, जिन्हें अफसर का परिचित बताया जा रहा है, उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की तो एक के पास से रकम बरामद हुई. एफसीआई अफसर जिस परिचित को रुपए की रखवाली करने साथ लाए थे, बताया जा रहा है कि रकम देख उसकी नीयत बिगड़ गई और उसने अपने साथियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से रकम गायब करा दी. उठाईगिरी के प्रकरण में पुलिस जल्द खुलासा करने का दावा कर रही है. घटना सोमवार दोपहर की बताई जा रही है.</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.mediahousempcg.com/police-engaged-in-investigation-rs-38-lakhs-found-in-car-of-officer-who-came-to-register-theft-in-the-capital/">राजधानी में उठाईगिरी : रजिस्ट्र्री कराने आए अफसर की कार से 38 लाख पार, जांच में जुटी पुलिस</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.mediahousempcg.com">MEDIA HOUSE MPCG</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>साय कैबिनेट की बैठक संपन्न, पढ़िए लिए गए सभी बड़े फैसले</title>
		<link>https://www.mediahousempcg.com/cabinet-meeting-concluded-read-all-the-major-decisions-taken/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[mediahousempcg]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 12:08:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[रायपुर]]></category>
		<category><![CDATA[छत्तीसगढ़]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.mediahousempcg.com/?p=25281</guid>

					<description><![CDATA[<p>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए – 1. मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ के षष्ठम् विधान सभा के अष्टम् सत्र माह फरवरी-मार्च, 2026 हेतु माननीय राज्यपाल के अभिभाषण का अनुमोदन किया गया। 2. मंत्रिपरिषद द्वारा बजट अनुमान वर्ष 2026-27 &#8230;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –</p>
<div class="code-block code-block-11">
<div id="bdc-player"></div>
</div>
<p>1. मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ के षष्ठम् विधान सभा के अष्टम् सत्र माह फरवरी-मार्च, 2026 हेतु माननीय राज्यपाल के अभिभाषण का अनुमोदन किया गया।</p>
<p>2. मंत्रिपरिषद द्वारा बजट अनुमान वर्ष 2026-27 का विधानसभा में उपस्थापन हेतु छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक-2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।</p>
<div class="code-block code-block-5">
<div id="bdc-article-mtf"></div>
</div>
<p>3. मंत्रिपरिषद ने राज्य में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि होली पर्व से पहले एकमुश्त भुगतान किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत धान के मूल्य के अंतर की राशि के रूप में लगभग 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होली त्यौहार से पहले एकमुश्त किया जाएगा।</p>
<p>यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से की जा रही है, जो देश में सर्वाधिक है। बीते दो वर्षाें में कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों को धान के मूल्य के अंतर के रूप में 25 हजार करोड़ रूपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। इस साल होली से पूर्व किसानों को 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होने से यह राशि बढ़कर 35 हजार करोड़ रूपए हो जाएगी।</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.mediahousempcg.com/cabinet-meeting-concluded-read-all-the-major-decisions-taken/">साय कैबिनेट की बैठक संपन्न, पढ़िए लिए गए सभी बड़े फैसले</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.mediahousempcg.com">MEDIA HOUSE MPCG</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>देहदान में बेरुखी : किडनी-लिवर की वेटिंग इतनी कि प्रतीक्षा करते तीन बरस में 45 ने तोड़ दिया दम</title>
		<link>https://www.mediahousempcg.com/indifference-in-body-donation-waiting-for-kidney-and-liver-was-so-much-that-45-people-died-in-three-years-of-waiting/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[mediahousempcg]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 06:11:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[रायपुर]]></category>
		<category><![CDATA[छत्तीसगढ़]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.mediahousempcg.com/?p=25272</guid>

					<description><![CDATA[<p>रायपुर। लगातार कोशिशों के बाद भी देहदान के प्रति लोगो को जागरुक करने में सफलता नहीं मिल पाई है। आंकड़े बताते हैं कि, बीते तीन साल में 45 लोगों ने किडनी, लिवर सहित अन्य अंग मिलने के इंतजार में अपनी जान गंवा दी।  वर्ष 2022 से 2025 के बीच कुल 320 लोगों ने राज्य अंग एवं &#8230;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर।</strong> लगातार कोशिशों के बाद भी देहदान के प्रति लोगो को जागरुक करने में सफलता नहीं मिल पाई है। आंकड़े बताते हैं कि, बीते तीन साल में 45 लोगों ने किडनी, लिवर सहित अन्य अंग मिलने के इंतजार में अपनी जान गंवा दी।  वर्ष 2022 से 2025 के बीच कुल 320 लोगों ने राज्य अंग एवं उतक प्राधिकरण (सोटो) में अपना पंजीयन कराया था, जिनमें से 32 का प्रत्यारोपण पूरा हो पाया है, 45 की जान चली गई और बाकी वेटिंग में हैं। बदलती लाइफ स्टाइल की वजह से किडनी, लिवर से संबंधित बीमारी आम हो चुकी है।</p>
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<p></ins></div>
<p>डीकेएस, एम्स सहित अन्य निजी अस्पतालों में संबंधित विभागों में रहने वाली मरीजों की भीड़ इसका प्रमाण है। इलाज की संभावना खत्म होने के बाद कैडवर डोनरों से मिलने वाले अंग ऐसे रोगियों के नए जीवन का सहारा होते हैं। इसके लिए पंजीकृत अस्पतालों के माध्यम से सोटो के पास जरूरतमंद मरीजों का पंजीयन कराया जाता है ताकि उन्हें दधिचि मुनी जैसे महादानी के अंगों से नया जीवन मिल सके। यह उद्देश्य जागरुकता के अभाव में पूरा होता नहीं दिख रहा है क्योंकि तीन साल में 12 लोगों से मिले विभिन्न अंगों के माध्यम से 32 प्रत्यारोपण पूरा हो पाया है। सोटों के पास अभी भी 222 लोगों की वेटिंग लिस्ट है।</p>
<p><strong>वर्तमान स्थिति</strong></p>
<ul>
<li>किडनी 195, लिवर 25, अन्य उतक 2 यानी कुल 222 आवेदन पेंडिंग</li>
<li>अब तक 24 किडनी, 8 लिवर का प्रत्यारोपण हो चुका पूर्ण</li>
<li>अब तक 14 त्वचा, 14 कार्निया, 5 हार्ट वॉल्व, 1 लिवर दान में प्राप्त हुआ।</li>
</ul>
<p><strong>प्रत्यारोपण के बाद पांच की मौत</strong><br />
किडनी लिवर के इंतजार में पंजीकृत 45 लोगों की मृत्यु के अलावा पांच ऐसे लोगों ने भी दम तोड़ा जिनका प्रत्यारोपण हो चुका था। ट्रांसप्लांट के बाद उन्हें विभिन्न तरह की अन्य जटिलताएं हुई और उन्होंने जान गंवा दी। शेष 27 लोग दान में मिले अंगों के माध्यम से अपना जीवन सामान्य तरीके से जी रहे हैं। राज्य में अंतिम देह दान दुर्ग जिले के निजी अस्पताल के सीएमओ की मृत्यु के बाद उनके परिवार वालों ने अगस्त 2025 में किया था। इसके बाद कैडेवर डोनेशन तो नहीं हुआ पर सोटो की प्रतीक्षा सूची बढ़ती गई।</p>
<p><strong>नहीं हुई नई नियुक्त</strong><br />
राज्य में ब्रेनडेड मरीजों के अंगदान और प्रत्यारोपण का समन्वय करने वाला सोटो स्वंय अधिकारियों और संसाधनों के अभाव से जूझ रहा है। पिछले दो महीने इसके संचालक के लिए जिम्मेदार चिकित्सक की तलाश पूरी नहीं हो पाई है। बनाए गए इस प्राधिकरण का कार्यालय तो डीके अस्पताल परिसर में बनाया गया है मगर यहां जरूरी स्टाफ की तैनाती की जरूरत भी नहीं समझी गई है। पंजीकृत अस्पतालों में इसके समन्वयक तो बनाए गए मगर उनका परफारमेंस भी उल्लेखनीय नहीं हो पा रहा है।</p>
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]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>22 फरवरी को होगी लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा, जल्द जारी होंगे प्रवेश पत्र</title>
		<link>https://www.mediahousempcg.com/public-service-commission-preliminary-examination-will-be-held-on-22nd-february-admit-cards-will-be-released-soon/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[mediahousempcg]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 06:08:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[रायपुर]]></category>
		<category><![CDATA[छत्तीसगढ़]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा आयोजित राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा इस महीने की 22 फरवरी 2026 को प्रदेश के सभी 33 जिलों में आयोजित की जाएगी। आयोग के परीक्षा नियंत्रक के अनुसार, इस परीक्षा को दो पालियों में आयोजित किया जाएगा। प्रथम पाली में जनरल स्टडीज के लिए परीक्षा सुबह 10 बजे से 12 &#8230;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर। </strong>छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा आयोजित राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा इस महीने की 22 फरवरी 2026 को प्रदेश के सभी 33 जिलों में आयोजित की जाएगी। आयोग के परीक्षा नियंत्रक के अनुसार, इस परीक्षा को दो पालियों में आयोजित किया जाएगा। प्रथम पाली में जनरल स्टडीज के लिए परीक्षा सुबह 10 बजे से 12 बजे तक होगी। वहीं, द्वितीय पाली में एप्टीट्यूड टेस्ट का आयोजन दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक किया जाएगा।</p>
<div id="lalluram153784497" class="lalluramjust-baat-body-code">
<div id="JBM_ARTICLE_inline-p1">
<h3 class="wp-block-heading">कब जारी किए जाएंगे प्रवेश पत्र ?</h3>
<p>राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र परीक्षा तिथि से लगभग 10 दिन पहले जारी किए जाएंगे। अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.psc.cg.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं।</p>
<h3 class="wp-block-heading">परीक्षा केंद्र में अभ्यर्थियों के लिए जारी की गई सलाह</h3>
<p>छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुँचें और अपने साथ आवश्यक दस्तावेज, जैसे प्रवेश पत्र और पहचान पत्र, लेकर आएं। परीक्षा में किसी प्रकार की गड़बड़ी या अनुचित गतिविधि पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने अभ्यर्थियों से आग्रह किया है कि वे परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ परीक्षा दिवस की नियमावली और निर्देशों का पालन करें।</p>
<h3 class="wp-block-heading">प्रारंभिक परीक्षा के बाद इस दिन से होगी मुख्य परीक्षा</h3>
<p>आयोग ने यह भी बताया कि प्रारंभिक परीक्षा में चयनित उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा में शामिल होना होगा, जो 16, 17, 18 और 19 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। इसका मतलब है कि प्रारंभिक परीक्षा केवल पहली चरण की परीक्षा है और मुख्य परीक्षा में सफल होने पर ही उम्मीदवार अंतिम चयन प्रक्रिया में आगे बढ़ सकेंगे।</p>
<h3 class="wp-block-heading">इस रिक्रूटमेंट ड्राइव के तहत 265 पदों पर होगी भर्ती</h3>
<figure class="wp-block-table">
<table class="has-fixed-layout">
<thead>
<tr>
<th class="has-text-align-center" data-align="center">क्रमांक</th>
<th class="has-text-align-center" data-align="center">पद का नाम</th>
<th class="has-text-align-center" data-align="center">रिक्तियों की संख्या</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">1</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">राज्य प्रशासनिक सेवा</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">14</td>
</tr>
<tr>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">2</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">राज्य पुलिस सेवा</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">28</td>
</tr>
<tr>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">3</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">राज्य वित्त सेवा</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">2</td>
</tr>
<tr>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">4</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">समाज कल्याण सहायक संचालक</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">1</td>
</tr>
<tr>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">5</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">राज्य कर सहायक आयुक्त</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">10</td>
</tr>
<tr>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">6</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">श्रम पदाधिकारी</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">2</td>
</tr>
<tr>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">7</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">रोजगार अधिकारी</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">4</td>
</tr>
<tr>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">8</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">सहायक संचालक / जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">4</td>
</tr>
<tr>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">9</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">जिला पंजीयक</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">3</td>
</tr>
<tr>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">10</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">मुख्य नपा अधिकारी वर्ग ख</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">18</td>
</tr>
<tr>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">11</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">मुख्य नपा अधिकारी वर्ग ग</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">33</td>
</tr>
<tr>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">12</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">परियोजना अधिकारी</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">5</td>
</tr>
<tr>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">13</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">छग़ अधीनस्थ लेखा सेवा अधिकारी</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">16</td>
</tr>
<tr>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">14</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">नायब तहसीलदार</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">53</td>
</tr>
<tr>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">15</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">राज्य कर निरीक्षक</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">17</td>
</tr>
<tr>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">16</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center">आबकारी उप निरीक्षक</td>
<td class="has-text-align-center" data-align="center"></td>
</tr>
</tbody>
</table>
</figure>
</div>
</div>
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			</item>
		<item>
		<title>वैलेंटाइन डे को लेकर बजरंग दल सख्त, प्रेमी जोड़ों के लिए जारी की चेतावनी</title>
		<link>https://www.mediahousempcg.com/bajrang-dal-issues-strict-warning-to-couples-regarding-valentines-day/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[mediahousempcg]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 06:05:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[रायपुर]]></category>
		<category><![CDATA[छत्तीसगढ़]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.mediahousempcg.com/?p=25266</guid>

					<description><![CDATA[<p>रायपुर। वैलेंटाइन सप्ताह की शुरुआत हो चुकी है। प्रेमी जोड़े अपने प्रेम की अभिव्यक्ति करने के लिए तरह-तरह से तैयारी कर रहे हैं। इस बीच उनके लिए एक टेंशन भरी खबर भी राजधानी रायपुर से सामने आई है, जहां बजरंग दल ने प्रेमी युगलों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। आज मंगलवार को तेलीबांधा स्थित &#8230;</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.mediahousempcg.com/bajrang-dal-issues-strict-warning-to-couples-regarding-valentines-day/">वैलेंटाइन डे को लेकर बजरंग दल सख्त, प्रेमी जोड़ों के लिए जारी की चेतावनी</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.mediahousempcg.com">MEDIA HOUSE MPCG</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर। </strong>वैलेंटाइन सप्ताह की शुरुआत हो चुकी है। प्रेमी जोड़े अपने प्रेम की अभिव्यक्ति करने के लिए तरह-तरह से तैयारी कर रहे हैं। इस बीच उनके लिए एक टेंशन भरी खबर भी राजधानी रायपुर से सामने आई है, जहां बजरंग दल ने प्रेमी युगलों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है।</p>
<p>आज मंगलवार को तेलीबांधा स्थित बजरंगबली के मंदिर में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा के पाठ के साथ पूजा-अर्चना की। शस्त्र पूजन के साथ बजरंग दल ने प्रेमी युगलों को चेतावनी देते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में वैलेंटाइन डे का कोई स्थान नहीं है। 14 फरवरी को वैलेंनटाइन की जगह मातृ– पितृ दिवस मनाएं। यदि युवा इस दिन वैलेंटाइन डे मनाते हैं और भारतीय संस्कृति के मूल्यों के खिलाफ जाकर अश्लीलता फैलाते हैं तो बजरंग दल इसका कड़ा प्रतिकार करेगा और ऐसे युवाओं को सबक भी सिखाएगा।</p>
<p>शस्त्र पूजन के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं है, परंतु भारतीय संस्कृति के पारिवारिक मूल्यों के उल्लंघन को भी वे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। प्रेम सार्वजनिक प्रदर्शन की चीज नहीं हो सकती। पार्कों, होटलों, सार्वजनिक स्थानों में प्रेम की अभिव्यक्ति के नाम पर फूहड़ता करने वालों के खिलाफ वह कड़ी कार्रवाई कर उन्हें भारतीय संस्कृति से परिचित करवाएंगे।</p>
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]]></content:encoded>
					
		
		
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