
अब जर्जर भवन में नही लगेगी स्कूल:सभी कलेक्टरों को निर्देश,शिक्षा विभाग बोला स्कूली बच्चों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथकिता
मानसून को देखते हुए शिक्षा विभाग ने सभी कलेक्टरों को पत्र जारी कर जर्जर स्कूलों में मरम्मत कार्य करवाने के निर्देश दिए है। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने आदेश जारी कर DMF या CSR के अलावा अन्य किसी निधि से मरम्मत काम करने के कहा है।
अपने आदेश में स्कूल शिक्षा सचिव ने जर्जर स्कूल भवन के संचालन पर भी रोक लगाने कहा है ताकि किसी भी प्रकार की आकस्मिक दुर्घटना से बचाव हो सके। साथ ही जर्जर स्कूलों के बदले सामुदायिक भवन या अन्य शासकीय भवन का उपयोग करने कहा गया है।
अफसरों को 3 दिन के भीतर निरीक्षण करने का आदेश
आदेश में कलेक्टरों को यह भी कहा गया है कि वे अपने जिले की सभी स्कूलों के भवनों का 3 दिनों के अंदर निरीक्षण करने के बाद । जरुरत के अनुसार मरम्मत और सुधार कार्य करवाए। इसके पूर्व भी आपके निर्देशन में स्कूल जतन योजना अतर्गत प्रदेश के जर्जर शाला भवनों का चिन्हांकन कर मरम्मतकाम और अतिरिक्त क्लास रुम बनाने के काम भी किया जा रहा है। इसके लिए राशि भी जारी की गई है। जारी की गई राशि का समुचित उपयोग नियमानुसार करें।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथकिता
छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने कहा कि स्कूल बच्चों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथकिता है। 26 जून से नवीन शिक्षा सत्र प्रारंभ हो गया है और शालाओं में पढ़ाई हो चुकी है। प्रदेश के सभी जिलों में शाला प्रवेशोत्सव मनाया जा रहा है। जिन जगह जर्जर भवन है वहां मरम्मत कार्य प्राथमिकता से करवाए ।



