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जांजगीर-चांपाछत्तीसगढ़

हसदेव नदी में डूबने से 3 बच्चों की मौत, 24 घंटे बाद शव बरामद

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जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में बीती शाम लापता हुए 3 बच्चों के शव हसदेव नदी से बरामद हुए हैं. तीनों बच्चे सोमवार को स्कूल की छुट्टी होने की वजह से सुबह 10 बजे हनुमान धारा पहुंचे थे. लेकिन देर शाम तक वे घर नहीं लौटे. देर रात तक गोताखोरों की टीमें उन्हें ढूंढने में लगी रही. 26 घंटे बाद आज तीनों की लाश नदी से बरामद की गई है.

जानकारी के मुताबिक, मृतक बच्चों की पहचान- रूद्र कुमार (कक्षा 5वीं), युवराज (कक्षा 8वीं), नेल्सन (कक्षा 9वीं) के रूप में हुई. तीनों बच्चे मनका पब्लिक स्कूल के छात्र थे और एक ही मोहल्ले के रहने वाले थे. इनमें से एक बच्चा सक्ती जिले में पदस्थ ASI का पुत्र है.

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परिजनों ने बताया कि तीनों बच्चे एक ही मोहल्ले के रहने वाले थे और बीते दिन सुबह साइकिल से घूमने निकले थे. जब शाम तक बच्चे वापस नहीं आए तो परिजनों ने तलाश शुरू की. एक बच्चे के पास मोबाइल फोन था, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हो रहा था. मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की गई तो उसका अंतिम लोकेशन हनुमान धारा नदी किनारे मिला. इसी के बाद परिजन और ग्रामीण नदी की ओर पहुंचे.

शाम को स्थानीय ग्रामीणों ने नदी किनारे खड़ी तीन साइकिलें और पास में बच्चों के कपड़े व चप्पल देखे. पर बच्चे कहीं नजर नहीं आए. तुरंत पुलिस को सूचना दी गई. चाम्पा पुलिस मौके पर पहुँची और बच्चों के कपड़े तथा साइकिल बरामद करके तलाशी अभियान शुरू किया.

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पुलिस, गोताखोर और नगर सेना रातभर खोज करते रहे

पुलिस ने तुरंत नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू करवाया.  स्थानीय गोताखोर, नगर सेना, और पुलिस जवानों ने मिलकर देर रात तक नदी में जाल डालकर और डाइविंग के जरिए खोजबीन की. तलाशी में मदद के लिए प्रशासन ने नदी का बहाव कम कराया, ताकि पानी शांत हो और गोताखोर गहराई तक उतर सकें. इसके बावजूद रात 12 बजे तक बच्चों का कोई पता नहीं चल सका. सुबह फिर से तीनों बच्चों की तलाश शुरू की गई, जिसमें तीनों बच्चों के शव नदी की गहराई से बरामद हुए हैं.

परिजनों को मिलेगी 4 लाख मुआवजा राशि

चाम्पा SDM ने कहा कि घटना आकस्मिक मृत्यु की श्रेणी में आती है, ऐसे मामलों में शासन की ओर से परिजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी.

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पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव

तीनों बच्चों के शव को आगे की कार्रवाई के लिए चाम्पा के BDM अस्पताल भेजा गया है. नदी किनारे पूरे क्षेत्र में मातम छाया हुआ है, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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