Year: 2026
-
MEDIA HOUSE EXCLUSIVE
चक्रवात अर्नब का प्रचंड प्रहार: 135 किमी/घंटा तक हवाओं का पूर्वानुमान, आंध्र प्रदेश से छत्तीसगढ़ तक मौसम पर संकट; छह वर्षों के चक्रवातों का पूरा विश्लेषण
विशेष मौसम रिपोर्ट | 28 अक्टूबर 2026 प्रस्तावित उपशीर्षक: बंगाल की खाड़ी में विकसित चक्रवात अर्नब के तट प्रवेश, तेज…
Read More » -
MEDIA HOUSE EXCLUSIVE
भारत से विदेश की ओर बढ़ते कदम: आखिर क्यों अपने ही देश में भविष्य तलाशने के बजाय विदेशों में बसने का सपना देख रहे हैं भारतीय?
प्रस्तावना: देश केवल जमीन के टुकड़े से नहीं बनता, देश उसके नागरिकों के सपनों, संघर्षों, प्रतिभा और विश्वास से बनता…
Read More » -
MEDIA HOUSE EXCLUSIVE
शिकायत से न्याय तक का सफर इतना कठिन क्यों?
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले की प्रशासनिक व्यवस्था, कार्यपालिका की जवाबदेही और न्यायपालिका की समयबद्धता पर एक व्यापक जनसरोकारपरक पड़ताल प्रमुख…
Read More » -
MEDIA HOUSE EXCLUSIVE
हाथों की लकीरें झूठी हैं! अपने कर्मों की ताकत पहचानिए, भविष्य की प्रतीक्षा नहीं, निर्माण कीजिए
मनुष्य का जीवन केवल उम्मीदों से नहीं बदलता, बल्कि उम्मीदों को वास्तविकता में बदलने के लिए उठाए गए कदमों से…
Read More » -
MEDIA HOUSE EXCLUSIVE
विचारों की दुनिया से कर्म की वास्तविकता तक — सफलता का निर्णायक अंतर आपकी सोच में नहीं, सोच को साकार करने की क्षमता में छिपा है।
THINKER vs ACTION TAKER THE POWER OF EXECUTION From Thought to Action, From Vision to Reality A Special Feature on…
Read More » -
MEDIA HOUSE EXCLUSIVE
जांजगीर, चांपा और नैला के कपड़ा बाजार में ब्रांडेड कपड़ों की असलियत पर उठे सवाल
महंगे ब्रांड का टैग, हजारों रुपये की कीमत और असली होने की गारंटी कौन देगा? त्योहारों की खरीदारी के बीच…
Read More » -
MEDIA HOUSE EXCLUSIVE
जांजगीर-चांपा में राख का साम्राज्य, खतरे में जल, जमीन और जनजीवन!
उद्योगों से निकलने वाली फ्लाई ऐश की डंपिंग पर कब जागेगा पर्यावरण तंत्र? खाली जमीन, बंद खदानें और गांवों के…
Read More » -
MEDIA HOUSE EXCLUSIVE
जांजगीर-चांपा में प्रशासनिक समीक्षा या केवल बैठक-दर-बैठक निर्देश?
साप्ताहिक समीक्षा बैठक का असली मूल्य क्या है—बैठक में दिए गए निर्देश, बंद फाइलें या आम नागरिक को मिला वास्तविक…
Read More » -
MEDIA HOUSE EXCLUSIVE
“अदृश्य दबाव में प्रशासनिक निष्पक्षता” क्या शिकायत की आवाज व्यवस्था की दीवारों से टकराकर लौट जाती है?
लोकतंत्र में प्रशासन जनता और शासन के बीच वह संस्थागत सेतु है, जिसके माध्यम से कानून जमीन पर उतरता है,…
Read More » -
MEDIA HOUSE EXCLUSIVE
रेलवे में सफर सुविधा का नहीं, संघर्ष का नाम क्यों बनता जा रहा है?
टिकट हाथ में होने के बावजूद सीट की अनिश्चितता, जनरल कोच की भीड़ और यात्रियों की बढ़ती परेशानी पर रेलवे…
Read More »